यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल माफिया पर सरकार ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इस बार हर परीक्षा केंद्र पर फेस रीडिंग मशीन लगाई जा रही है। जो परीक्षार्थियों की जांच करेगा। इसके बाद परीक्षा दे सकेंगे। इस नई पहल से फर्जी परीक्षार्थियों पर अंकुश लगाने के लिए बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संचालित जिले में कुल 401 विद्यालय है। इसमें 22 राजकीय, 70 वित्त पोषित व 309 वित्त विहीन विद्यालय शामिल हैं। इस बार बोर्ड परीक्षा के लिए 78 हजार 206 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। इसमें हाई स्कूल के 42 हजार 306 और इंटरमीडिएट 36 हजार 274 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। बोर्ड ने 122 परीक्षा केंद्रो की सूची प्रस्तावित किया है।
नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए यूपी बोर्ड परीक्षा ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पिछले वर्ष बोर्ड परीक्षा के दौरान कई फर्जी परीक्षार्थियों द्वारा परीक्षा देने का मामला सामने आया था। इसे लेकर विभाग वर्ष 2024 में होने वाली बोर्ड परीक्षा को लेकर सख्त नजर रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस बार प्रत्येक केंद्रों पर फेस रीडिंग मशीन लगाने की व्यवस्था की जा रही है। अगर यह संभव नहीं हुआ तो चिह्नित परीक्षा केंद्र पर फेस रीडिंग मशीन हर हाल में लगाई जाएगी।
28 दिसंबर तक मांगी गई आपत्ति
बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची जारी होने के बाद प्रबंधक, प्रधानाचार्य, छात्र व अभिभावकों से 28 दिसंबर तक आपत्ति मांगी गई है। इसमें लगभग 80 आपत्ति मिली है। सबसे अधिक नए परीक्षा केंद्र बनाने के लिए की गयी है। ऐसे हैं, जिन्होंने केंद्र की दूरी को लेकर आपत्तियां दी हैं। वहीं करीब तीन चार विद्यालय है।
डीआईओएस जगदीश शुक्ला ने कहा कि केंद्रों की संख्या अधिक है। इसलिए सभी केंद्रों पर फेस रीडिंग कराना मुश्किल है। अगले वर्ष से यह पूरी तरह लागू होने की उम्मीद है। इस बार निजी एजेंसियों के माध्यम से फेस रीडिंग कराने की बात अभी चल रही है। वह कुछ चिह्नित स्कूलों में फेस रीडिंग से परीक्षर्थियों की जांच की जाएगी।