मेडिकल कॉलेज में 240 बेड का कोरोना वार्ड स्थापित
- कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए तैयारी
- कोरोना पीड़ित बच्चों के लिए पीआईसीयू में सौ बेड
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के मेडिकल कॉलेज में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रान को देखते हुए तैयारी शुरू हो गई है। लेबल-2 के इस अस्पताल में संसाधनों को सक्रिय कर दिया गया है। यहां 240 बेड कोरोना के मरीजों के लिए सुरक्षित कर दिया गया है। वहीं सौ बेड पीआईसीयू में भी तैयार किया गया है। कोरोना के मरीजों को कोई दिक्कत न होने उसके लिए व्यवस्था की जा रही है।
कोरोना संक्रमण तेज होने के दौरान ही मेडिकल कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली को लेबल-टू का अस्पताल घोषित कर दिया गया था। अब ओमिक्रान के नए वैरिएंट को देखते हुए फिर से तैयारी तेज कर दी गई है। लेबल टू के इस कोरोना अस्पताल में 240 बेड इसी के लिए ही सुरक्षित किए गए हैं। 125 बेड पर वेंटिलेटर हैं तो सभी पर पाइप लाइन से ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था भी करा दी गई है। इसका कनेक्शन ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट से कराया गया है। हालांकि अभी ऑपरेटरों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कॉलेज प्रशासन वेंटिलेटर संचालन व ऑक्सीजन प्लांट ऑपरेशन के लिए कॉलेज के लोगों को प्रशिक्षित किया है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि कॉलेज से संबद्ध ओपेक चिकित्सालय कैली में कोरोना हॉस्पिटल स्थापित किया गया है। यह कोरोना के लिए अलग से संसाधनों से सुसज्जित 240 बेड का है। किसी भी स्थिति से निपटने की यहां पूरी तैयारी है। यहां सभी बेड पर मरीज पर निगरानी के लिए मॉनिटर व सभी बेड पर आक्सीजन की सुविधा है जो सीधे प्लांट से जुड़ा है। इसके अलावा अस्पताल में सौ बेड सामान्य मरीजों के लिए भी हैं। बच्चों के लिए भी सौ बेड का पीआईसीयू स्थापित किया गया है। सभी संसाधनों से सुसज्जित है।