नवजात संग यात्रा करने वाली माताओं को सुविधा
बस्ती। सफर के दौरान भीड़भाड़ में शिशु लेकर यात्रा करने वाली माताएं स्तनपान कराने में हिचक महसूस करती हैं। इससे या तो शिशु भूखे रह जाते हैं या उन्हें गाय-भैंस का दूध बोतलों में भरकर पिलाना पड़ता है। इस समस्या को दूर करने के लिए परिवहन निगम ने विशेष कक्ष बनाने का निर्णय लिया है। इस कवर्ड केबिन में महिलाएं बिना किसी संकोच के शिशुओं को स्तनपान करा सकेंगी
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए बस स्टेशनों में स्तनपान केबिन स्थापित कर रहा है। अत्याधुनिक डिजाइन क्यूबिकल्स में दो शिशु स्तनपान केबिन और एक प्रसाधन केबिन बना होगा। इसमें गोपनीयता और गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। इसके निर्माण के लिए ढाई करोड़ रुपये बजट आवंटित किया गया है। निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर का कहना है कि यूपीएसआरटीसी के सभी बस स्टेशन नवंबर-2019 तक माताओं एवं नवजात शिशु फ्रेंडली सुविधाओं से पूरी तरह से लैस हो जाएंगे। अत्याधुनिक डिजाइन क्यूबिकल्स में दो शिशु स्तनपान केबिन और एक प्रसाधन केबिन बना होगा। इसमें गोपनीयता और गरिमा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएंगे। यूपीएसआरटीसी मुख्यालय ने इस बेबी फीडिंग क्यूबिकल्स की ड्राइंग, डिजाइन और उसकी खूबियों के बारे में विशिष्टताओं को अंतिम रूप दे चुका है। सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को इसे स्थापित कराने के लिए अधिकृत किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को आवश्यकता अनुसार बजट आवंटित करेगा। इन केबिन के बेहतर उपयोग के लिए सभी उपयुक्त स्थान पर इससे संबंधित हिंदी और अंग्रेजी में संकेत भी प्रदर्शित किए जाएंगे।
23 बस स्टेशन में तत्काल शुरूआत
मानक एवं आवश्यकताओं के अनुसार इन पीपीपी मॉडल वाले 23 बस स्टेशनों में ब्रेस्ट फीडिंग रूम (बेबी फीडिंग रूम) बनाने का प्राविधान किया जा रहा है। एमडी के अनुसार बाकी 219 बस स्टेशनों के लिए यूपीएसआरटीसी अगले तीन महीनों में प्राथमिकता के आधार पर केबिन का निर्माण करेगा।