बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश विजय कुमार कटियार ने जानलेवा हमला व दुष्कर्म के आरोपी अशोक गुप्ता को 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने इस मामले में अभियुक्त पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। इसे अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एडीजीसी वेद प्रकाश पांडेय ने अदालत को बताया कि परशुरामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की पीड़िता ने थाने पर तहरीर देकर बताया कि धर्मनगर थाना परशुरामपुर निवासी अशोक गुप्ता से उनकी जान पहचान थी। अशोक दिल्ली चला गया था। वह 6 अक्तूबर 2018 को गांव आया और इसी जान पहचान का लाभ उठाकर वह परेशान करने लगा। अशोक के भय से वह बुआ के घर चली गई। बुआ का परिवार 18 अक्तूबर 2018 को वैष्णो देवी दर्शन के लिए चला गया, वह घर पर अकेली थी। उसी दिन रात 8.30 बजे अशोक बुआ के घर आ गया। यहां आते ही उसने बात करने को कहा, लेकिन मैंने उसे मना कर दिया, जब मैं उसे मना करने के लिए बाहर आई तो घर के निकट स्थित गन्ने के खेत में खींच ले गया। जहां उसने दुष्कर्म किया। प्रतिरोध करने पर उसने गला दबाकर हत्या करने का प्रयास किया। इसके बाद धमकी देने लगा। दुष्कर्म के बाद मैं किसी तरह घर आई तो वह भी पीछे से घर में घुस गया और फिर उसने दोबारा पिटाई कर दी। मैं बेहोश हो गई। इसके बाद वह फरार हो गया। सुबह मुझे होश आया तो आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्हीं के साथ थाने पर आकर तहरीर दी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। विवेचक ने विवेचना में साक्ष्य संकलित कर आरोपी अशोक के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। न्यायालय ने साक्ष्यों व गवाहों के बयान के आधार पर अशोक गुप्ता को सजा सुनाई।