बस्ती। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय अनिल कुमार खरवार की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति धर्मेंद्र चौधरी उर्फ धर्मेंद्र वर्मा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में आराेपी पर दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। इसे अदा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता परिपूर्णा नंद पांडेय के निर्देश पर एडीजीसी तनिष्क सिंह तथा प्रदीप ओझा ने अदालत को बताया कि घटना 8 अगस्त 2019 की है। हर्रैया थाना क्षेत्र के मझारी गांव निवासी केशवराम वर्मा ने अपनी पुत्री खुशबू की शादी कोर्ट में 17 जून 2016 को धर्मेंद्र कुमार वर्मा निवासी ग्राम अइला कला थाना गौर से की थी। उसकी पुत्री के पास पहले से एक पुत्र था। खुशबू काे उसका पति, छोटा भाई प्रमो, ननद अनुराध व राधिका तथा ससुर जगदीश दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे।
अक्सर इसी बात को लेकर उसे मारते-पीटते भी थे। 8 अगस्त 2019 को सुबह 9 बजे खुशबू को जला दिया। उसके बाद उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। सूचना के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया। इसके बाद पुलिस ने विवेचना शुरू की। विवेचक ने साक्ष्य संकलित कर आरोपी धर्मेंद्र चौधरी उर्फ धर्मेंद्र वर्मा के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। शेष आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में विलोपित कर दिया।
गवाहों के बयान व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतका खुशबू की हत्या के लिए धर्मेंद्र को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।