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Basti News: दरिंदगी के आरोपी कुंदन सिंह की जमानत अर्जी खारिज

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बस्ती। गौर थानाक्षेत्र की 12 वर्ष की किशोरी के साथ दरिंदगी के आरोपी कुंदन सिंह की जमानत अर्जी बुधवार को खारिज कर दी गई। प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पाॅक्सो) न्यायालय के न्यायाधीश डॉ. अमित वर्मा ने गौर थाना क्षेत्र के बिरऊपुर में आरोपी कुंदन सिंह के मकान में पांच जून को हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई के दौरान जमानत अर्जी खारिज की।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता वंदना चौधरी ने न्यायालय को बताया कि 12 साल की मासूम से एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों ने दरिंदगी की इंतहा कर दी। मरते दम तक इन तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। मौत के बाद तीनों आरोपियों ने शव को ठिकाने लगा दिया था। अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि नाबालिग युवक ने लड़की को बहला-फुसला कर कुंदन सिंह के आवास पर बुलाया था। जब वह वहां पहुंची, तो उसने और कुंदन व राजन निषाद ने दुष्कर्म किया। अत्यधिक रक्तस्राव से उसकी कमरे में ही मौत हो गई।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि घटना के समय कुंदन आवास विकास कॉलोनी स्थित मकान पर थे। उनकी मोबाइल लोकेशन भी वहीं दिखा रही है। घटना से कुंदन का लेना देना नहीं है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कुंदन की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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पिता ने कहा कठोर सजा का इंतजार

दरिंदगी की शिकार हुई किशाेरी के परिवार वालों को उस दिन का इंतजार है जब तीनों आरोपियों को कठोर सजा मिले। पिता ने बताया कि तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा करना कानून का मखौल उड़ाने जैसा है। जेल में रहते हुए उन्हें कठोरतम सजा मिलनी चाहिए।

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विवेचक बोले, तीनाें के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल
विवेचक रामेश्वर यादव ने बताया कि गौर थाने में दर्ज इस केस की गहन तफ्तीश पूरी कर ली गई है। तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में भेज दिया गया है।

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पांच जून को बिरऊपुर में हुई थी घटना

घर से सब्जी लाने निकली गौर थानाक्षेत्र की किशोरी का एक किलोमीटर दूर पांच जून को खून से लथपथ शव मिला था। पोस्टमार्टम में उसके साथ दरिंदगी की बात सामने आई थी। पोस्टमार्टम में अप्राकृतिक दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने केस में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म और पॉक्सो की धारा को शामिल किया। इस मामले में राजन निषाद, कुंदन सिंह और एक नाबालिग को नामजद किया गया। तीनों आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। मामले की विवेचना परशुरामपुर के एसएचओ रामेश्वर यादव ने की।
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