बस्ती। किसी ने गांव की सूरत बदलने तो किसी ने नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराकर उत्कृष्ट कार्य करने का दंभ भरा। बावजूद इसके वह स्वच्छता में कमाल नहीं कर पाए। ऐसे में लाल किले से सम्मान पाने का सपना टूट गया है। यहां से एक भी पंचायत का चयन नहीं हुआ है।
जिले में 1185 ग्राम पंचायतों में अधिकांश मॉडल गांव का तमगा लेने को उतावले दिख रहे थे। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की भारी-भरकर टीम भी लगी है। बावजूद इसके दिल्ली में 15 अगस्त पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम और सम्मान समारोह में किसी भी प्रधान का चयन नहीं हो पाया है। इससे ग्राम प्रधानों को झटका लगा है। परेड कार्यक्रम में शामिल करने के लिए बेहतर प्रदर्शन करने वाली गांव पंचायतों की सूची शासन ने मांगी थी। उसके क्रम में बस्ती जनपद से पंचायत राज विभाग से रुधौली ब्लॉक के ग्राम पंचायत अनदेउरा गांव को शामिल करते हुए सूची भेजी गई थी।
यहां के प्रधान महेंद्र सिंह का नाम कार्यक्रम के लिए भेजा गया, लेकिन परीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत पास नहीं हो पाई। इससे प्रधान का सपना लाल किले से सम्मान और परेड देखने का सपना टूट गया।
डीपीआरओ घनश्याम सागर ने बताया कि शासन से मांगी गई सूची के अनुसार रुधौली के अनदेउरा गांव के प्रधान का नाम भेजा गया था। संवाद