फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दैनिक उपयोग की वस्तुओं के रेट तय

विज्ञापन
कटेश्वर पार्क के पास डीएम आशुतोष निरंजन और एसपी हेमराज मीणा ने जरूरतमंदों को वितरित कराया खाद्य ? - फोटो : BASTI
विज्ञापन
दैनिक उपयोग की वस्तुओं के रेट तय
विज्ञापन

बस्ती। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। इन स्थितियों के चलते गरीब परिवारों के घर तक खाद्यान्न पहुंचने की व्यवस्था प्रशासन ने बनाई है। जिला पूर्ति अधिकारी व डिप्टी आरएमओ को प्रशासन ने इसकी जिम्मेदारी दी है। शुक्रवार को एडीएम रमेश चंद्र ने अधिकारियों व फ्लोर मिल के प्रबंधकों के साथ बैठक कर रणनीति तय की। तय हुआ कि जिले में सवा चार लाख परिवारों को 24 घंटे के भीतर खाद्यान्न मुहैया करा दिया जाएगा। इसके लिए स्वयंसेवी संगठनों की भी मदद ली जाएगी।
आपूर्ति विभाग में विभिन्न योजनाओं के राशन कार्डधारकों को प्रशासन गरीब मानकर दस-दस किलो चावल व गेहूं के अलावा एक किलो नमक, एक लीटर सरसों तेल, एक किलो आलू, दो किलो दाल व दो सौ ग्राम हल्दी देने की योजना को अमली जामा पहनाने में जुटा है। इसकी तैयारी पूरी की जा चुकी है। इसके पैकिंग का काम गोरखपुर की एक संस्था को दिया गया है। जिले भर में इस राशन के वितरण की जिम्मेदारी पंजीकृत स्वयंसेवी संगठनों को दी जाएगी। जो घर-घर जाकर पैकेट उपलब्ध कराएंगे। डीएसओ रमन मिश्र व डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप तैयारी की गई है। सभी फ्लोर मिलों को यह निर्देश दिया गया है कि वे अपनी क्षमता के अनुसार आटा आपूर्ति करें। इसके लिए उन्हें प्रशासन अपनी ओर से गेहूं भी मुहैया कराएगा। सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जरूरतमंदों को दी जाएगी आपूर्ति
डीएम आशुतोष निरंजन ने कहा कि जरूरतमंदों को सहयोग के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। लाक डाउन के बावजूद जरूरत के लिए घर से निकलने वालों को कहीं कोई परेशान नहीं कर रहा है, मगर बेवजह सड़क पर टहलते जो भी मिलेगा, उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। गरीबों को खाने की दिक्कत न हो इसके लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें