उत्तर प्रदेश कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के आवाहन एक दिवसीय धरना प्रदर्शन डीएम कार्यालय परिसर में हुआ। बृहस्पतिवार को संयोजक शिवपाल सिंह और अध्यक्ष चन्द्रिका सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों, कर्मचारियों ने धरने के बाद आठ सूत्रीय मांगों ज्ञापन भी दिया।
शिवपाल सिंह ने कहा कि कर्मचारी और शिक्षकों की समस्यायें लगातार बढ़ती जा रही हैं और सरकार नींद में हैं। कहा कि यदि कर्मचारी और शिक्षक जागरूक न हुए तो एक-एक उनके अधिकार छीन लिए जाएंगे। संचालन कर रहे समी उल्लाह अंसारी ने कहा कि आठ सूत्रीय मांग यदि सरकार नहीं मानी तो आंदोलन अब ब्लॉक स्तर पर होगा। प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष चन्द्रिका सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन नीति की बहाली के लिए आर-पार का संघर्ष करना होगा। मांग किया कि 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन नीति से जोड़ा जाए। शिक्षक नेता शांति भूषण त्रिपाठी ने कहा कि सातवें वेतन आयोग में अनेक विसंगतियां है, उसे दूर करने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करना होगा। माध्यमिक शिक्षक संघ के मंत्री पवन शुक्ल ने कहा कि सातवें वेतन आयोग को यदि लागू किया गया तो सामाजिक, आर्थिक समानता बढे़गी जो देश, प्रदेश के लिए घातक होगा।
धरने को रामेश्वर सिंह, जटाशंकर, अशोक कुमार, कौशल किशोर त्रिपाठी, अशोक यादव, चन्द्रेश सिंह, फौजदार यादव, गणेश सिंह, बाल कृष्ण ओझा, सुरेश गौड़, देवेन्द्र सिंह, शिवनन्दन मिश्र, रंजन सिंह, राजेश गिरी, कमरखलील, निशा शुक्ला, शमा खातून, रिजवान अनवर, भूपेश कुमार, कमलेश सिंह आदि ने संबोधित किया। कहा कि कर्मचारी, शिक्षक अपने अधिकारों के लिये एकजुट हो जाएं। कंचन प्रभा, शिवपूजन आर्य, वी.पी. आनन्द, विन्देश्वरी मिश्र, लवकुश वर्मा, रामपाल सिंह, मयंक मिश्र, सुधा कृष्णमूर्ति, वेद प्रकाश उपाध्याय, मो. असलम, प्रदीप कुमार, गौरव आर्य, प्रज्ञा सिंह, विचित्र प्रताप सिंह, सुरेन्द्र चौधरी, गिरजेश सिंह, आशीष , राकेश पाण्डेय,कुसमावती, शाइस्ता अंजुम, प्रमोद सिंह, राजन कुमार सिंह के साथ ही बड़ी संख्या में कर्मचारी और शिक्षक मौजूद रहे।