बस्ती। विद्युत निगम के मुख्य अभियंता एवं अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर दो दिनों से हलचल की स्थिति है। सेवा प्रदाता कंपनी को आवंटित नई निविदा में संविदा कर्मियों की संख्या कम किए जाने को लेकर दूसरे दिन भी कर्मचारियों का जमावड़ा हुआ।
निगम के मंडलीय कार्यालय परिसर में कामकाज छोड़कर संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। लेकिन, देर शाम तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला।
जिले के 39 उपकेंद्रों के संचालन के लिए 650 निविदा कर्मचारियों की संख्या तैनात रही। विभागीय अधिकारियों की कहना है कि यह संख्या सरप्लस होने के नाते नए निविदा में संख्या घटाकर 514 कर दी गई है।
अब सेवा प्रदाता कंपनी इतने ही कर्मचारियों से बिजली आपूर्ति का कार्य कराएगी। नए निविदा की वजह से 136 कर्मचारी निकाल दिए जाएंगे। इसी को लेकर संविदा कर्मचारियों में रोष है। एक दिन पहले निगम के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता का घेराव भी हुआ था।
दूसरे दिन बुधवार को सैकड़ों की तादाद में संविदा कर्मी निगम के मंडलीय कार्यालय पर फिर पहुंचे। इस दौरान उप्र पावर कारपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राम सकल मौर्य, पूर्वांचल अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह की अगुवाई में कर्मचारियों के एक प्रतिनिधि मंडल की अधीक्षण अभियंता इं. खालिद सिद्दीकी से घंटों वार्ता चली। लेकिन, मामला किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा।
प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि पुराने कर्मचारियों की छंटनी कतई उचित नहीं है। उनका समायोजन किया जाए। इसके अलावा बकाया वेतन का भुगतान भी सेवा प्रदाता कंपनी से कराया जाए।
समायोजन पर बात नहीं बन पाई। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल उनके कक्ष से बाहर आ गया। चेतावनी दी गई कि अगले दिन संविदा कर्मचारी डीएम से मिलकर अपनी समस्या रखेंगे।
इस मौके पर नकुल चौधरी, अश्वनी सिंह, चंद्रकेश, रामचंद्र, पप्पू आदि मौजूद रहे।