बस्ती। शहर की प्रमुख सड़क धर्मशाला रोड इस कदर अतिक्रमण की चपेट में है कि यहां की नालियां भी अवैध कब्जेदारों की गिरफ्त में हैं। यहां नालियों पर ही दुकानें वर्षों से संचालित हो रही हैं और जिम्मेदार सबकुछ जानते हुए भी मूकदर्शक बने हुए हैं। जबकि नागरिकों ने संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर आईजीआरएस पोर्टल पर उच्च अधिकारियों से अतिक्रमण हटवाने व नालियों की साफ-सफाई करवाकर बेहतर आवागमन और स्वच्छ वातावरण दिलाने की मांग की थी।
तत्कालीन डीएम ने ईओ को कब्जेदारों को नोटिस जारी कर कब्जा हटवाने को कहा था। बावजूद इसके अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। आईजीआरएस पोर्टल के जवाब में ईओ ने यही रिपोर्ट भी लगाया था कि जैसे ही सड़क निर्माण शुरू किया जाएगा तो अतिक्रमण हटवा दिया जाएगा। जबकि काम चालू हो रहा है और अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है।
शहर के बाहर से गांधीनगर पहुंचने वालों की बड़ी तादाद है। शार्टकट होने के कारण अयोध्या-गोरखपुर फोरलेन से अधिकांश वाहन ब्लॉक रोड होकर प्रमुख व्यापारिक केंद्र गांधीनगर पहुंचते हैं और धर्मशाला रोड पर पहुंचते ही भीषण जाम से जूझने लगते हैं। कारण यह है कि यहां की दोनों तरफ की नालियां अतिक्रमण का शिकार हो चुकी हैं। नालियों के ऊपर ही दुकानें स्थापित हैं और अवैध पार्किंग के कारण पूरी सीसी सड़क पतली गली में तब्दील हो चुकी है।
यहां के नागरिक विनोद कुमार सिंह, प्रमोद, पंकज चौधरी, अनिरुद्ध व शांतिभूषण आदि ने बताया कि कई बार इसे अतिक्रमण मुक्त करने के लिए नगर पालिका प्रशासन से मांग की गई, लेकिन नतीजा सिफर रहा। शहरवासी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करने पर डीएम ने ईओ को दुकानें हटवाने के निर्देश दिए थे। ईओ ने आईजीआरएस पोर्टल पर जवाब लगाकर भेजा था कि जैसे ही नाला निर्माण शुरू किया जाएगा तो अतिक्रमण हटवा दिया जाएगा। जबकि काम चालू हो रहा है, लेकिन अब तक कोई कब्जा नहीं हटा है और न तो नाले की सफाई हो पा रही है और न ही आवागमन सुचारु हो पा रहा है।
हटवाया जाएगा अतिक्रमण
नवागत प्रभारी ईओ सत्येंद्र सिंह ने बताया कि पूरी स्थिति की जानकारी ली जा रही है। नाले पर कब्जेदारों को अगर पूर्व में नोटिस जारी कर दिया गया है और समय सीमा भी पूरी हो चुकी है तो जल्द ही कब्जा हटवाया जाएगा। इस पर लगने वाला व्यय भी वसूल किया जाएगा। उसके बाद निर्माण का काम चालू करवाया जाएगा।