नोट बंदी के बाद पैदा हुईं दिक्कतों के विरोध में सोमवार को कांग्रेस ने आक्रोश रैली कर विरोध दर्ज कराया। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित छह मांगों का ज्ञापन जिला अधिकारी को दिया।
राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पांडेय के नेतृत्व में गांधी भवन के पास कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार सुबह जुटे। नारेबाजी करते हुए शास्त्री चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां हुई सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव प्रकाश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पूरे देश को गुमराह कर रहे हैं। नोट बंदी का निर्णय बिना किसी तैयारी के लिए गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश बहादुर सिंह ने कहा कि देश संकट से गुजर रहा है। इसके लिए भारत सरकार 10-10 लाख रुपये पीड़ित परिवारों को दे। जिला अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पांडेय ने कहा कि कारोबार ठप है। दिहाड़ी मजदूरों का परिवार भुखमरी पर है।
उपाध्यक्ष प्रेमशंकर द्विवेदी ने कहा कि बिना सोचे समझे जल्दबाजी में फैसला किया गया। सभा को बसंत चौधरी, पूर्व विधायक अफसर यू अहमद, पं. राम मिलन चतुर्वेदी, छोटेलाल तिवारी, अंकुर वर्मा, नर्वदेश्वर शुक्ल, मानिकराम मिश्र, शीला शर्मा, डॉ. वाहिद सिद्धीकी, जगनारायन आर्य, बाबूराम सिंह, चंद्र प्रकाश कनौजिया, मीना पांडेय, अब्दुल बहाव, डॉ. दीपेंद्र सिंह, ज्योति पांडेय, राहुल चतुर्वेदी आदि ने संबोधित किया।
वहीं नोट बंदी से पैदा हुए हालात के विरोध में सोमवार को प्रगतिशील किसान मोर्चा के अध्यक्ष सत्य प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन डीएम को दिया। किसान नेताओं ने कहा कि नोट बंदी और बैंकों में कैैश की कमी से किसानों की मुसीबत बढ़ गई है। इस दौरान रमेश चंद, राम गिरीश आदि रहे।
बस्ती। नोट बंदी के बाद पैदा हालात के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पाटी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, आम आदमी पार्टी तथा प्रगतिशील किसान मोर्चा ने विरोध दर्ज कराया है।
सोमवार को संयुक्त वाम दलों से जुड़े कार्यकर्ता राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर न्यायमार्ग स्थित सीटू कार्यालय में जुटे। माकपा जिला सचिव का. केके तिवारी, भाकपा जिला सचिव का. अशर्फी लाल के नेतृत्व में एसपी कार्यालय, दीवानी कचहरी, शास्त्री चौक से होते हुए डीएम कार्यालय परिसर पहुंचे। विरोध में नारेबाजी करते हुए कचहरी स्थित पोस्ट ऑफिस के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला जलाया। कहा कि 17 दिन में 34 बार दिशा निर्देश बदलने से अर्थ व्यवस्था ठप पड़ गई है। पुतला दहन में का. वीरेंद्र प्रताप मिश्र, रामगढ़ी चौधरी, सत्यराम, अनवर फसी, वसेनू, शेषमणि, सियाराम सोनकर, विजय चौधरी, नरसिंह भरद्वाज, नीलू गौड़ आदि लोग शामिल रहे।