मंच पर लोकगीत, नृत्य, कविता का संगम
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बस्ती। कला संस्कृति को उकेरता बस्ती महोत्सव में चौथे दिन बृहस्पतिवार को मंच पर लोकगीत, नृत्य व कविता का मिला जुला संगम दिखा। स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। दिन भर प्रदर्शनी के बीच संचालित कार्यक्रम में देर शाम लोक गीतों की महफिल सजी।
महोत्सव में बृहस्पतिवार को स्कूली बच्चों व स्थानीय कलाकारों ने मंच संभाला। कार्यक्रम की शुरूआत फोनिक्स पब्लिक स्कूल के राकेश कुमार वर्मा ने कविता पाठ किया। इसी स्कूल के बच्चों ने शहीद ए आजम भगत सिंह पर नाटक प्रस्तुत देश भक्ति का जज्बा जगाया। बेगम खैर गर्ल्स इंटर कॉलेज के बच्चों ने राजा हरिश्चंद्र पर नाटक प्रस्तुत किया। खैर इंडस्ट्रियल इंटर कॉलेज के बच्चों का गायन सभी ने सराहा। सरस्वती बालिका विद्यालय रामबाग के बच्चों ने देशभक्ति गीत, हरताल प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सेंट बेसिल्स स्कूल, स्वामी दयानंद पूर्व माध्यमिक विद्यालय, श्याम बहादुर आर्य इंटर कॉलेज के बच्चों ने भी नाटक, देशभक्ति गीत से मंच को गुलजार किया। राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती के आशीष ने देशभक्ति गीत, शैलेश ने भोजपुरी गीत प्रस्तुत किया। देर शाम लोकगीतों की छटा बिखरी तो उपभोक्ता फोरम की पूर्व सदस्य वंदना मिश्रा ने मंच पर प्रस्तुति दी। एक के बाद एक कई लोक गीत सुन लोग वाह वाह कह उठे। इस दौरान प्रदर्शनी में बच्चों ने झूला का आनंद उठाया। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों ने पपेट शो प्रस्तुत किया। शिक्षा विभाग के शिक्षकों की ओर से किए जा रहे नवाचारों आदि के साथ पढ़ाई में कठपुलियों के माध्यम से शिक्षा देने की कला का प्रदर्शन किया। स्टाल संयोजक डॉ.सर्वेष्ट मिश्र के संयोजन में उच्च प्राथमिक विद्यालय बटेला की शिक्षक श्रुति त्रिपाठी, केजीवीबी परशुरामपुर की शिक्षक सावित्री त्रिपाठी, माधुरी त्रिपाठी, विमल आनंद, राजकान्त, शुभेन्दु सिंह, मधुकर उपाध्याय शीला मौर्या आदि ने सहयोग किया।