बस्ती। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के वरिष्ठ सदस्य एवं उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन परविंदर सिंह ने तेलियाजोत पहुंचकर भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी की मां स्व. यशोदा देवी के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सिख समाज के लोगों के साथ दिवंगत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद सर्किट हाउस में गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख लोगों के साथ बैठक की गई। इसमें सिख समाज के विकास, धार्मिक स्थलों के संरक्षण और समुदाय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक में परविंदर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सिख समाज के विकास, सम्मान और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए काम कर रही है। गुरुद्वारों के जीर्णोद्धार और मरम्मत के लिए सरकार की ओर से धनराशि आवंटित की जा रही है, जिससे धार्मिक स्थलों की व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।
उन्होंने वीर बाल दिवस की शुरुआत उत्तर प्रदेश से होने का उल्लेख करते हुए सिख गुरुओं और साहिबजादों के बलिदान, साहस और राष्ट्रभक्ति की परंपरा को याद किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन के बाद लखीमपुर, शाहजहांपुर समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बसे सिख कृषक परिवारों ने खेती के माध्यम से आजीविका अर्जित करने के साथ क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में भी योगदान दिया है। ऐसे कृषक परिवारों को उनकी भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
बैठक में धार्मिक स्थलों के संरक्षण, विकास और समाज के हित में शासन स्तर पर किए जा रहे प्रयासों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सरदार जगवीर सिंह, प्रभुप्रीत सिंह, ज्ञानी प्रदीप सिंह, सरदार गुरूनाम सिंह, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।