विधानसभा चुनावों में पार्टी से घोषित प्रत्याशियों की वस्तुस्थिति जानने मंगलवार को सपा के बस्ती मंडल के पर्यवेक्षक शहर पहुंचे। कार्यकर्ताओं से अलग अलग मुलाकात कर प्रत्याशियों की जीत के लिए जुट जाने की अपील की। पर्यवेक्षक द्वय ने कहा कि जिसकी छवि जनता के बीच ठीक नहीं होगी उसका टिकट कट भी सकता है। रिपोर्ट और कार्यकर्ताओं के सुझाव पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा।
घोषित प्रत्याशियों की समीक्षा करने बस्ती मंडल के पर्यवेक्षक एमएलसी हीरालाल यादव और राजेश यादव दो दिन के दौरे पर मंगलवार को पहुंचे। जिले की सीमा पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से लाद दिया। पर्यवेक्षक द्वय ने डाक बंगले में पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अलग अलग जानकारी ली। पार्टी के प्रत्याशियों और संगठन तथा उसकी गतिविधियों के संबंध में भी कार्यकर्ताओं से विस्तृत जानकारी ली। कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के दौरान हीरालाल यादव और राजेश यादव ने कहा कि कार्यकर्ता पूरे मनोयोग से चुनाव की तैयारियों में लग जाएं। प्रत्याशियों को जिताकर भेजें जिससे 2017 के चुनाव में दोबारा विकासोन्मुखी अखिलेश सरकार बने। नेता द्वय ने कार्यकर्ताओं के सुझाव और विचारों को पार्टी नेतृत्व तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। पर्यवेक्षकों ने कहा कि जिसकी छवि जनता के बीच ठीक नहीं होगी उसके टिकट पर कट भी सकता है। इस अवसर पर घोषित प्रत्याशी उमाशंकर पटवा, राना कृष्ण किंकर सिंह, अनूप पांडेय, सपा जिला अध्यक्ष राजकपूर यादव, महासचिव निजामुद्दीन, प्रवक्ता अजीत सिंह, राजेंद्र चौरसिया, जमील अहमद, राघवेंद्र सिंह, महेंद्र नाथ यादव, राम ललित चौधरी, डॉ. आरडी गोस्वामी, प्रमोद यादव, सिद्धार्थ सिंह आदि लोग शामिल रहे।
सपाइयों में नोकझोंक
बस्ती। सपा से घोषित प्रत्याशियों की स्थिति और कार्यकर्ताओं की राय जानने पहुंचे पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में दो बड़े नेताओं के समर्थकों में जमकर तू तू -मैं मैं हुई। इस दौरान पर्यवेक्षक हीरालाल यादव और राजेश यादव पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ समीक्षा कर रहे थे। डाक बंगला परिसर में नेता समर्थकों की भीड़ लगी थी। किसी बात को लेकर रुधौली विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी अनूप पांडेय और सपा नेता प्रमोद यादव के समर्थक आपस में झगड़ने लगे। हालांकि बड़े लोगों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। जिला अध्यक्ष राज कूपर यादव का कहना है कि थोड़ा बहुत नोकझोंक हुई है लेकिन तोड़फोड़ और मारपीट की बात गलत है।