बस्ती। जिले में प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना भाने लगी है। छात्रों की सफलता देख अब अन्य छात्र भी पढ़ाई के लिए आगे आ रहे हैं। आवेदन कर समय से प्रवेश पाने के लिए संपर्क साध रहे हैं। बताया गया कि चालू सत्र में दोनों चयनित कॉलेजों में बच्चों की संख्या दोगुनी किए जाने का लक्ष्य है। इस पर विभाग तेजी से कार्य कर रहा है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं का भविष्य संवर रहा है। वर्तमान में यहां 393 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें यूपीपीएससी, नीट, जेईई और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन की सुविधा मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि आईएएस, पीसीएस, डाॅक्टर, इंजीनियर का सपना देखने वाले विद्यार्थियों को पहले प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली, कोटा जैसे शहरों का रूख करना पड़ता था। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों के मां बाप को कोचिंग संस्थानों को फीस के रूप में एक बड़ी रकम चुकानी पड़ती थी, मगर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बाद गरीब मां-बाप की चिंता कम हो गई है।