बड़ी संख्या में उपभोक्ता कर रहे हैं मीटर न लगने की शिकायत
नोडल अभियंता भी नहीं बता पा रहे संख्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दो साल पहले जिले के दो लाख से अधिक उपभोक्ताओं के परिसर में मीटर लगाने का ठेका बेसिल कंपनी को दिया गया था। कंपनी को ग्रामीण उपभोक्ताओं के परिसर में मीटर लगाना था। काम समाप्त हो चुका है। मगर, कितने उपभोक्ताओं के परिसर मेंं मीटर लगाया गया इसका ब्यौरा बिजली निगम में मौजूद नहीं है। अब जब उपभोक्ता परिसर में मीटर न होने की शिकायत कर रहे हैं तो निगम अधिकारी इसकी सटीक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
पता चला कि निगम के मीटर सेक्शन में भी इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हैं। बेसिल कंपनी के प्रतिनिधि सन्नी सिंह से बात की गई तो गोल मटोल जवाब देकर किनारा कस लिए। उन्होंने बताया कि जितने मीटरों का टेंडर हुआ था सब लगाए जा चुके हैं। अब काम बंद हो चुका है। ऐसे में सटीक डाटा बता पाना संभव नहीं है। अनमीटर्ड टू मीटर योजना के नोडल अवर अभियंता रहे शिव कुमार ने बताया कि याद नहीं है कि कितने मीटरों की एमबी उन्होंने की थी। मगर, योजना के तहत जो लक्ष्य था, उसे पूरा किया गया है।
परिसर में मीटर न लगने और बिल पर मीटर संख्या चढ़ने से उपभोक्ता परेशान हैं। बिल रीडर बिना परिसर की जांच किए मनगढ़ंत रीडिंग डालकर मासिक बिल तैयार कर रहे हैं। हमने ग्रामीण क्षेत्र के एक मीटर रीडर से बात की तो उसने बताया कि गांवों में कंपनी की ओर से गिने चुने मीटर लगाए गए हैं। जिन परिसरों में मीटर नहीं है, वहां भी मीटर नंबर डालकर लेजर बना दिया गया है।
...
ऐसे पकड़ में आया मामला
एकमुश्त समाधान योजना में जब निगम ने अभियान चलाकर उपभोक्ताओं को बिल भेजा तो उसमें मीटर नंबर अंकित था। यह देखकर उपभोक्ता सन्न रह गए कि परिसर पर मीटर नहीं लगा, ऐसे में रीडिंग आधारित बिल कैसे भेजा जा रहा है। इसकी शिकायत उपभोक्ता उपखंड व खंड अधिकारियों से करने लगे। एक उपखंड अधिकारी ने बताया कि पहले तो लगा कि उपभोक्ता झूठ बोल रहे हैं लेकिन जब इनकी संख्या बढ़ने लगी तो उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया।
...
कोट
तमाम उपभोक्ता परिसर में मीटर न लगने की शिकायत कर रहे हैं। समस्या के समाधान के लिए रेंडम सर्वे कराने की तैयारी की जा रही है। ताकि सही स्थिति का पता चले। बेसिल से भी डाटा मांगा गया है।
-भारत भूषण, अधिशासी अभियंता, मीटर