संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए अलग से टीम गठित की जाएगी। इस आशय के निर्देश आयुक्त अखिलेश सिंह ने दिए हैं। उन्होंने निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई है।
वह मंगलवार को आयुक्त सभागार में अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की मंडलीय समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के सीडीओ को गुणवत्ता जांच के लिए जिला टास्क फोर्स के अलावा एक अन्य टीम गठित करने का निर्देश दिया। उन्हाेंने कहा कि परियोजना पूर्ण होने पर हैंडओवर के समय उसकी गुणवत्ता की जांच कराई जाए। सीएमआईएफ पोर्टल पर एक करोड़ रुपये से अधिक लागत की परियोजनाएं अपलोड की जाए। इसके अलावा निर्माण एवं लाभार्थीपरक सभी परियोजनाएं नवनिर्मित यूपीडैसबोर्ड पर अपलोड की जाएंगी। त्वरित आर्थिक विकास योजना में बस्ती के 13 कार्य, संतकबीरनगर के नौ एवं सिद्धार्थनगर की 25 परियोजनाओं की दूसरी किस्त बाकी है। सभी सीडीओ तत्काल इसकी डिमांड शासन को भेजवाए।
आयुक्त ने कहा कि पूर्वांचल विकास निधि की कार्ययोजना अभी तक अप्राप्त है। सभी जनप्रतिनिधियों से संपर्क कार्ययोजना तैयार करा ली जाए। आयुक्त ने पीडब्ल्यूडी, आरईडी, यूपीपीसीएल, यूपीसीडको, आवास विकास परिषद, फैक्सफेड, राजकीय निर्माण निगम एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं के परियोजनाओं की समीक्षा की। ओपेक कैली अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट निर्माण और एचटी लाइन शिफ्ट कराने के निर्देश दिए। बस्ती में 79, संतकबीरनगर में 91 तथा सिद्धार्थनगर में 136 समेत कुल 306 परियोजनाएं निर्माणाधीन बताई गई। इनकी लागत 1900 करोड़ रुपये है, जिसमें से 1276 करोड़ रुपये अवमुक्त हो गये हैं। कुल 1129 करोड़ रुपये व्यय हो चुके हैं। 26 परियोजनाएं पूर्ण बताई गई, जबकि 15 परियोजनाएं अभी अनारंभ है।
इस मौके पर सीडीओ डाॅ. राजेश कुमार प्रजापति, जयेंद्र कुमार, संत कुमार आदि मौजूद रहे।