संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में संचालित फाइलेरिया उन्मूलन (एमडीआर) अभियान की प्रगति जांचने दो दिवसीय भ्रमण पर आई केंद्रीय टीम मंगलवार भी कार्यक्रम का सत्यापन किया। सुबह सबसे पहले यूआईपी स्थित फाइलेरिया यूनिट पहुंची। यहां के बाद दो सीएचसी का निरीक्षण किया। गांवों में बांटी जा रही फाइलेरिया रोधी दवा के सेवन और आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की गतिविधियों का स्थलीय सत्यापन किया।
केंद्रीय टीम में शामिल क्षेत्रीय निदेशालय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण भारत सरकार डॉ. निश्चय केसरी व डीएन गिरि सुबह करीब 10 बजे फाइलेरिया यूनिट पहुंचे। रात में लिए गए खून के नमूनों के स्लाइड और उसकी गुणवत्ता देखी। कांशीराम आवास और विशुनपुरवा में 600 लोगों के सैंपल फाइलेरिया जांच के लिए एकत्रित किए गए थे। जांच की स्थिति और कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली। इसके बार टीम सीएचसी कप्तानगंज पहुंची। एमओआईसी के साथ एमडीआर अभियान व दवा वितरण आदि की जानकारी ली। रानीपुर गांव में टीम गई। छह घरों पर पहुंची और दवा सेवन के बारे में बातचीत किया। यहां एक महिला दवा नहीं खाई थी, उसे प्रेरित किया।
इसके बाद टीम परशुरामपुर सीएचसी पहुंची। एमओआईसी भास्कर यादव और डिप्टी सीएमओ डॉ. एसबी सिंह से स्थिति की जानकारी ली। मजगंवा माफी गांव पहुंचकर घरों में बांटी गई फाइलेरियारोधी दवा का फीडबैक लिया। शाम को टीम सीएमओ डॉ. आरपी मिश्र के साथ समीक्षा बैठक की। टीम ने कहा कि लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन 25 घरों का भ्रमण आशा कार्यकर्ता से कराएं। दवा 85 प्रतिशत से अधिक लोगों को खिलाएं। तभी यह अभियान सफल होगा।
इस मौके पर मंडल में फाइलेरिया कार्यक्रम देख रही आरएनटीडीओ बस्ती मंडल सुचिता शर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी आईए अंसारी, डॉ. एके कुशवाहा, अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर सच्चिदानंद चौरसिया पीसीआई पुनीत तिवारी, जिला सलाहकार एईएस-जेई रवींद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।