बस्ती। कोडीनयुक्त कफ सिरप के खेल का तार वाराणसी से जुड़ा बताया जा रहा है। बस्ती में पूरा खेल वहीं के इशारे पर खेला गया। यहां सिर्फ मोहरे बिछाए गए थे।
इसका खुलासा बोगस फर्म गणपति फार्मा के मालिक पंकज कुमार ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में की थी। उसने कुछ नाम भी उगले थे। इसके बाद भी पुलिस की तफ्तीश आगे बढ़ती नहीं दिख रही है। पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हलांकि, अधिकारियों का कहना है ठोस साक्ष्य हाथ लगते ही असल मास्टरमाइंड सलाखों के पीछे होंगे।
बता दें कि 29 जनवरी को पुलिस ने गणपति फार्मा के मालिक वाराणसी के थाना आदमपुर के ए-3/134 त्रिलोचन बाजार निवासी पंकज कुमार को बस्ती में रोडवेज के पास से गिरफ्तार किया था। उसके हुलिया को देखकर साफ झलक रहा था वह सिर्फ प्यादा भर है। असल मास्टर माइंड दूर बैठकर पूरा खेल खेल रहे थे। करोड़ों का धंधा करने वाले पंकज के बैंक खाते को जब पुलिस ने खंगाला तो उस समय सिर्फ नौ लाख रुपये ही मौजूद थे, इसपर भी सवाल उठे थे।
पुलिस की पूछताछ में पंकज ने बताया था कि गणपति फार्मा में उसका सिर्फ कागज लगा है, धंधा कर्ताधर्ता कोई और है। उसने कुछ नाम भी बताए थे। चूंकि मास्टरमाइंड बस्ती से दूर बैठे हैं और रसूख वाले बताए जा रहे हैं, इसलिए पुलिस तब तक हाथ रखने से हिचक रही है, जब तक उसके हाथ ठोस सबूत न लग जाए। सूत्र बताते हैं कि मास्टरमाइंडों पर शिकंजा कसने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जो मोबाइल नंबर पुलिस के पास मौजूद, वे लंबे समय से बंद चल रहे हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी पुलिस खंगाल चुकी है। इसमें भी कुछ खास हाथ नहीं लग पाया है। गणपति फार्मा के नाम से बोगस फर्म बनाकर 1.72 लाख शीशी कोडीनयुक्त कफ सीरप की आपूर्ति बस्ती से की गई थी।
सूत्र बताते हैं कि यह खेल कोरोना काल के दौरान शुरू हुआ था। धीरे-धीरे इस धंधे ने जड़ जमा लिया था।