बस्ती में आयुक्त कार्यालय पर मंडलीय अधिकाररियो के साथ बैठक करते सीएम योगी आदित्य नाथ।
काम न करने वाले अफसर हटाए जाएंगे। बिगड़ी कानून-व्यवस्था और बिजली व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की पूरी छवि इन दोनों विभागों पर टिकी हुई है। समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अफसरों को चेतावनी दी कि तहसील दिवस और अन्य कार्यों में जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरें। शिकायतें मिल रही हैं कि थानों में अब भी पीड़ितों की शिकायतें नहीं सुनी जा रही हैं। प्राथमिकी तक दर्ज करने में आना-कानी की जा रही है।
शासन की ओर से तय किए गए 49 बिंदुओं पर समीक्षा के प्रथम चरण में गंभीर अपराधों, निरोधात्मक कार्रवाई, एंटी रोमियो दस्ते, थाना समाधान दिवस आदि मुख्य रहे। कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह एवं आईजी जोन मोहित अग्रवाल की ओर से विवरण प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एंटी रोमियो दस्ते का कार्य नियमित है। इसमें महिला पुलिस एवं पुलिस कर्मियों को स्थायी रूप से तैनाती दी जाए। ऐसी जगहें जहां बालिकाएं व महिलाएं ज्यादा आतीं जाती हैं, वहां सख्ती रखें लेकिन दुरुपयोग न होने पाए क्योंकि सड़क पर दिखने वाले व्यक्ति भाई-बहन या मित्र भी हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भू माफिया को चिह्नित करें। अतिक्रमण हटाकर विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जाए। अवैैध बूचड़खानों को हर हाल में बंद किया जाए। ऐसे पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए, जो अपराधियों से मिले रहते हैं। पुलिस-प्रशासन को जनता से मित्रवत व्यवहार करना होगा। जनप्रतिनिधियों से संवाद रखें और उनके फोन का जवाब दें। कानून का राज स्थापित करने में प्रत्येक स्तर पर कार्रवाई की जाए। बिजली आपूर्ति के मामले में शहरी क्षत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे का शेड्यूल जरूर बनाए रखें। 15 जून तक सड़कें गड़्ढा मुक्त करने का कार्य पूरा किया जाए।बैठक में सांसद जगदंबिका पाल, हरीश द्विवेदी, शरद त्रिपाठी, आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह सहित 12 विधायक और 60 मंडलीय अफसर मौजूद रहे। ढाई घंटे तक चली बैठक में कार्रवाई के डर से अफसरों की सांसें रुकी रहीं। हालांकि सीएम ने अफसरों से बस इतना ही कहा कि काम न करने वाले अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।