शहर की सड़कें बनीं जानलेवा, सुध नहीं ले रहे जिम्मेदार
बारिश से प्रमुख मार्गों समेत वार्ड की गलियां हुईं क्षतिग्रस्त
खतरनाक गड्ढों में तब्दील हुआ डीएम आवास मार्ग
पिछले साल मरम्मत हो चुकी सड़कें भी क्षतिग्रस्त
बस्ती। बारिश से शहर की सड़कें व गलियां गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। इन पर राह चलना आसान नहीं है। आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार गंभीरता नहीं दिखा रहे।
चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने शहर की सड़कों के गुणवत्ता की पोल खोल दी है। पुरानी सड़कें जहां गट्टियां समेत उखड़ कर आवागमन बाधित कर रही हैं, वहीं पिछले साल हॉट मिक्स प्लांट से मरम्मत हुई सड़कें भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सबसे खराब स्थित कंपनी बाग चौराहे से केडीसी होकर डीएम आवास को जाने वाली वीआईपी सड़क की है। किसान पीजी कॉलेज के सामने की सड़क पिछले साल हॉट मिक्स प्लांट से बनी थी। इस पर गुणवत्ता की इतनी अनदेखी की गई कि चौराहे से आगे बढ़ते ही दुर्गा मंदिर के सामने करीब आधा फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं।
यही हालत मालवीय रोड की है। यहां बेबीडॉल हॉस्पिटल के सामने, बादशाह टाकीज के सामने व रंजीत कॉलोनी के सामने पूरी सड़क गहरे व लंबे गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। इस वित्तीय वर्ष में जिगना चौराहे से लेकर रेलवे स्टेशन तक सड़क का निर्माण कराया गया है। यह नई सड़क भी जगह-जगह उखड़नी शुरू हो चुुकी हैं। बस्ती-गोरखपुर फोरलेन स्थित बड़ेवन चौराहा से कटरा जाने वाले मार्ग से सदर ब्लॉक होकर रौता चौराहा जाने वाली करीब डेढ़ किमी सड़क क्षतिग्रस्त हो चुकी है।
लगभग सभी मैरिज हॉल के सामने सड़क गहरे व लंबे गड्ढों में परिवर्तित हो चुकी है। जहां कार व अन्य बड़े वाहन तो किसी तरह से निकल जाते हैं, लेकिन साइकिल व बाइक सवारों परेशानी होती है। रोडवेज तिराहे पर एक होटल के सामने हो चुकी है। यहां लंबी दूरी तक गहरा व खतरनाक गड्ढा बन चुका है। दक्षिण दरवाजा चौराहा व रेलवे स्टेशन रोड की स्थिति भी दयनीय है। इसके अलावा वार्डों के अंदर की सड़कें चलने लायक नहीं रह गई हैं।
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कोट
मौसम साफ होते ही शहर की सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा। नवरात्र तक सड़कों की मरम्मत कर दी जाएगी।
दुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका