सीआईएससीई : बारहवीं में दिव्या व फैड्रिक बने जिला टॉपर
बस्ती। सीआईएससीई (इंडियन सर्टिफिकेट आफ सेकेंडरी एजुकेशन) की ओर से बारहवीं कक्षा का परिणाम रविवार को घोषित किया गया। इसमें 98.40 प्रतिशत अंक अर्जित कर गणित ग्रुप की दिव्या वर्मा व फैड्रिक जिला टॉपर बने। जबकि जीव विज्ञान ग्रुप में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अमाम खान प्रथम व वाणिज्य ग्रुप में 95.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अंश पहवा को प्रथम स्थान मिला।
परीक्षा में जिले के 151 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। जिसमें 149 छात्रों ने सफलता प्राप्त की। जिले में सीआईएससीई की ओर से महज एक स्कूल सेंट बेसिल्स संचालित किया जा रहा है। रविवार को आए परीक्षा परिणाम में दो छात्र असफल रहे। प्रधानाचार्य फादर साजी पॉल ने बताया कि गणित में तीसरे स्थान पर रीतिका गुप्ता ने 97.80, तृतीय पर सकीना खान ने 97.60, चौथे पर उत्कर्ष पांडेय ने 97.40 और पांचवें पर समीक्षा श्रीवास्तव ने 92.20 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। जीव विज्ञान ग्रुप में दूसरे स्थान पर आदित्य सिंह ने 96, तीसरे पर अहमद सरफराज ने 95.80, चौथे पर स्वप्निल गोस्वामी व अलिमा रमशा ने 94.80, पांचवें पर संस्कृति गुप्ता ने 94.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किया। जबकि वाणिज्य ग्रुप में दूसरे स्थान पर सुहाना सिंह ने 93, तीसरे पर आदित्य मिश्रा ने 90.40, चौथे पर प्रांजल मल्होत्रा ने 87.20 और पांचवें पर जसविंदर सिंह ने 85 प्रतिशत अंक प्राप्त किया।
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बोले जिला टॉपर-
जीवन की हर परीक्षा में खुद पर करें भरोसा
सीआईएससीई 12 वीं के मैथ ग्रुप में टॉपर फ्रेडरिक ने कहा कि जीवन परीक्षाओं का ही नाम है। ऐसे में खुद पर भरोसा से ही सफलता हासिल की जा सकती है। सामान्य रूप से पढ़ाई कर मैंने 12 वीं में शानदार प्रदर्शन किया। कहा कि ऑन लाइन पढ़ाई भी सहयोगी की भूमिका निभाती है। ऐसे में उसका प्रयोग करें, मगर सोशल साइट से दूर रहें। क्योंकि इसकी आदत पड़ने पर युवा लक्ष्य से भटक सकते हैं। कहा कि मेरा लक्ष्य तो कंम्यूटर रिसर्चर बनाकर नोबल पुरस्कार हासिल करने का है। इसी दिशा में मैं पढ़ाई कर रहा हूं।
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लक्ष्य बनाएं तो हासिल होगी सफलता
सीआईएससीई 12 वीं में बायोलॉजी ग्रुप की जिला टॉपर अमामा खान ने कहा कि उसने पढ़ाई को घंटे में नहीं बल्कि लक्ष्य तय कर किया है। इसी लक्ष्य पर मेहनत व एकाग्रता से यह मुकाम हासिल किया है। कहा कि मोबाइल का खूब प्रयोग किया, मगर पढ़ाई के लिए। कहा कि माता पिता व शिक्षक ने सहयोग किया, जिससे सफलता मिली है। मेरा लक्ष्य नीट क्रेक कर चिकित्सक बनने का है। उसी दिशा में पढ़ाई को आगे जारी रखेंगे। मेहनत व लक्ष्य से कोई भी मुकाम हासिल हो सकता है।