सदर तहसील मे कोटेदार के दुकान के चयन के लिए लगी लोगो की लाइन।
जिले की नव सृजित ग्राम पंचायतो में से 122 में सरकारी राशन की दुकानों के लिए कोटेदारों का चयन मंगलवार को लाटरी सिस्टम से किया गया। चयन प्रक्रिया देर शाम तक चली।
जिले में 229 ग्राम पंचायतो में सरकारी राशन की दुकानों के लिए दुकानदारों का चयन किया जाना था। इनमें से 122 ग्राम पंचायतो में खुली बैठक के बाद भी सरकारी राशन की दुकान के लिए कोटेदार का चयन सर्वसम्मति से नहीं हो पाया। इन ग्राम पंचायतो में दुकानदार के लिए एक से अधिक दावेदार सामने थे। ऐसे में दुकानदार के चयन को लाटरी की प्रक्रिया अपनानी पड़ी। डीएम की अध्यक्षता में टीम का गठन किया गया। इसमें डीएम अध्यक्ष, डीएसओ, सभी एसडीएम और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी को शामिल किया गया। मंगलवार को तहसील सभागार में डीएम, सीडीओ, एएसपी, एसडीएम और जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की मौजूदगी में शाम साढ़े चार बजे से लाटरी प्रक्रिया शुरू हुई। एक एक कर सभी दुकानों के लिए लाटरी निकाली गई। डीएम की संस्तुति पर 50 लोगों को लाटरी निकालने के लिए बुलाया गया। इस दौरान एक एक पर्ची को स्वंय डीएम और सीडीओ ने चेक किया। एक दो मामलों में बाहर खड़े लोगों को भी पर्ची खोलकर दिखाई गई। गहमा-गहमी के बीच लाटरी प्रक्रिया में 122 दुकानों के दुुकानदारों के नाम की लाटरी निकाली गई।
चयन समिति के सचिव डीएसओ पूरन सिंह चौहान ने बताया कि लाटरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी रही। पूरी प्रक्रिया के दौरान जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे। देर शाम तक चली प्रक्रिया में दुकानदारों के नाम को अंतिम रूप दे दिया गया। दुबौलिया ब्लॉक में पांच कोटेदार लकी ड्रा से चुने गए। इसमें ग्राम पंचायत रामनगर में सीमा चौरसिया, चुईल बाबू में दिनेश कुमार मिश्र, बसंतपुर में दीपक कुमार, रमवापुर राजा में सुशीला एवं कप्तानगंज ब्लाक के नयकापार में कृष्णा पत्नी नेबूलाल का चयन हुआ।