बभनान। गौर ब्लॉक में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। यहां मरीजों को ऑनलाइन व ऑफलाइन इलाज व जांच की सुविधा नहीं मिल रही है। आरोग्य मंदिर पर तैनात सीएचओ को गांव-गांव जाकर एएनएम, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं के साथ आयुष्मान कार्ड बना रहे हैं। इसके चलते केंद्र बंद रह रहे हैं। प्रत्येक सीएचओ को प्रतिदिन कम से कम 10 आयुष्मान कार्ड बनाने का टास्क दिया गया। ऐसे में आरोग्य मंदिर पर पहुंचने वाले मरीजों को लौटना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, गौर ब्लाॅक के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जनकल्याणकारी योजनाओं को झटका लग रहा है। यहां कुल 26 स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाये गए हैं। उप केंद्रों पर आशा व एएनएम की तैनाती की गई है। जहां जच्चा-बच्चा टीकाकरण अभियान, संचारी रोग के संबंध में लोगों को जागरूक किया जाता है। इसके अलावा ब्लॉक क्षेत्र में 12 जन आरोग्य मंदिर बने हैं। वाटर सप्लाई, विद्युत सप्लाई, शौचालय, पंखा आदि जरूरी चीजें हैं।
जन आरोग्य मंदिर पर तैनात सीएचओ द्वारा संजीवनी पोर्टल के माध्यम से लोगों मरीजों को ऑनलाइन इलाज कराने व दिखाने की योजना इसी सेंटर से होनी है। सीएचओ किरन यादव को आयुष्मानकार्ड बनाने के लिए कछिया व बेलवरिया जंगल गांव की जिम्मेदारी मिली है।
प्रिया शुक्ला को पंडरी व कछिया गांव के 70 साल की उम्र पूरा करने वालों को आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी मिली है। इसी प्रकार प्रतिमा तिवारी को महुआ डाबर मुस्लिम पैकोलिया, स्वेच्छा गुप्ता इटवहरा व चेतरा इसके अलावा संध्या बघेल को महुआडाबर गांव में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए गांव गांव जाकर निर्देशित किया गया है।
इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौर के प्रभारी डॉक्टर भास्कर यादव ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाना विभाग की प्राथमिकता में है। आशा, आंगनबाड़ी व एएनएम के साथ आरोग्य मंदिरों पर तैनात सीएचओ गांव-गांव जाकर आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए पत्र भेजा गया है। बताया कि प्रत्येक को कम से कम 10 आयुष्मान कार्ड बनाने का टास्क भी सौंपा गया है। बताया पूरे ब्लॉक में 16000 आयुष्मान कार्ड बनाने का लक्ष्य है।