जिला अस्पताल में मरीज का चेकअप करते डॉक्टर। संवाद
बस्ती। घना कोहरा, सर्द हवा और लगातार गिरते तापमान का असर लोगों की सेहत पर पड़ने लगा है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। बच्चों में कमजोर प्रतिरोधक क्षमता के कारण सर्दी-खांसी, जुकाम और बुखार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं बुजुर्ग भी मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
जिला और अस्पतालों में इन दिनों मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा देखा जा रहा है। अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, बुखार और गले में संक्रमण से पीड़ित मरीज सबसे अधिक पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी ने बताया कि ठंड के मौसम में छोटे बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना करीब 80 से सौ बच्चे इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक है। कई बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीआईसीयू में भर्ती कर इलाज करना पड़ रहा है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि ठंड के मौसम में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। खासकर नवजात और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। सुबह और शाम ठंडी हवा, कोहरा और अचानक तापमान में गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती हैं।