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Basti News: यूपीआई पर शुल्क टला, दिवाली पर बेफिक्र कर सकेंगे खरीदारी

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बस्ती। यूपीआई से 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क 15 अक्तूबर से लागू नहीं होगा। इसे फिलहाल दिवाली तक टाल दिया गया है। इससे त्योहार के दौरान डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और कारोबारियों को राहत मिली है।
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शुल्क लागू होने की आशंका के बीच विरोध की तैयारी कर रहे व्यापारियों ने 15 अक्तूबर को प्रस्तावित काला दिवस भी स्थगित कर दिया है। हालांकि, उन्होंने दिवाली के बाद भी शुल्क लागू नहीं करने की मांग की है। प्रस्तावित शुल्क के विरोध में व्यापारी संगठन लामबंद थे। जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा गया था।
व्यापारी कुंदन वर्मा, आनंद राजपाल और सुनील गुप्ता का कहना है कि शुल्क लगाने का फैसला दिवाली के बाद भी लागू नहीं होना चाहिए। यदि भविष्य में इसे लागू किया गया तो व्यापारी फिर आंदोलन करेंगे। अमरमणि पांडेय ने कहा कि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने से छोटे कारोबारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और छोटे कारोबार की रीढ़ कमजोर होगी। फिलहाल शुल्क टलने से व्यापारियों को राहत मिली है, लेकिन सरकार को भविष्य में भी इसे लागू नहीं करना चाहिए।
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व्यापारियों के मुताबिक, दुर्गापूजा और दशहरा के बाद दिवाली पर बाजार में खरीदारी बढ़ती है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगता तो ग्राहक डिजिटल भुगतान से बच सकते थे और दुकानदार भी इसे स्वीकार करने से हिचकते। अब त्योहार के दौरान कारोबार में तेजी आने की उम्मीद है। ग्राहक प्रीति, अनीता श्रीवास्तव और मंजीत ने कहा कि यूपीआई से भुगतान करना आसान है। शुल्क लागू होने की स्थिति में ग्राहकों को यह आशंका रहती कि कहीं भुगतान शुल्क की भरपाई के लिए सामान के दाम तो नहीं बढ़ा दिए गए हैं। शुल्क टलने से ग्राहक और कारोबारी, दोनों के बीच असमंजस दूर हुआ है।
बोले कारोबारी

प्रस्तावित शुल्क को टालने का फैसला सही है, लेकिन इसे स्थायी रूप से वापस लिया जाना चाहिए। शुल्क लागू होने से कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता। अब छोटी कारोबारी भी आसानी से लेनदेन कर सकेंगे। इससे काफी सहूलियत होगी। -गौरव गुप्ता विक्की, गल्ला कारोबारी
गहनों की खरीदारी में बड़ी रकम का लेनदेन होता है। ग्राहक ऑनलाइन भुगतान कर आसानी से खरीदारी कर लेते हैं। इससे नकद निकालने और जमा करने की जरूरत भी कम पड़ती है। शुल्क टलने से त्योहार पर बाजार में रौनक बढ़ने की उम्मीद है। -गौरव भारत, सराफा कारोबारी
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