संवाद न्यूज एजेंसी
कप्तानगंज। हत्यारोपी रंजीत यादव की चाची की जमीन का एक अलग विवाद चल रहा है। रंजीत के चाचा रामजीत की एक साल पहले मौत हो गई थी।
रामजीत के जीवित रहते रंजीत, उनके भाई जगदीश और उनके एक और भतीजे ने जालसाजी करके उनकी सारी जमीन रजिस्ट्री करा ली थी। इसका दाखिल खारिज भी हो चुका था। चाची उस जमीन को लेकर दावेदार थीं, और उनकी मदद में चंद्रशेखर ने हरैया तहसील में फर्जी बैनामा कराने का एक मामला दाखिल कर रखा था। रंजीत और उनके परिवार के लोगों को चंद्रशेखर यादव की दखलंदाजी नागवार लगती थी। शनिवार को भी तहसील में पैरवी के लिए चंद्रशेखर गए थे। सोमवार को उस मामले में रंजीत की चाची के पक्ष में फैसला होना था। शनिवार को यह वारदात हो गई।
जान की गुहार लगाते रहे अधिवक्ता, ग्रामीण दौड़े न राहगीर ःकप्तानगंज (बस्ती)। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बैदोलिया अजायब गांव निवासी अधिवक्ता चंद्रशेखर यादव की निर्मम हत्या ने हर किसी को झकझोर दिया है। व