मेहंदी रस्म के बीच विक्ट्री साइन दिखाता सार्थक- परिजन
- फोटो : हरगांव में दंगल में जोर आजमाइश करते पहलवान।
बहादुरपुर। नगर थाना क्षेत्र के पिलाई गांव में हल्दी के रस्म के बाद गरम पानी से झुलसने के कारण आधे घंटे के अंदर चंचल स्वभाव के सार्थक की सांसें थम गई थीं। सार्थक के रिश्ते में मामा श्रवण कुमार मौर्य ने बताया कि अपने स्वभाव से सबके बीच कुछ ही समय में घुल मिल जाता था। परिवार के लोगों ने बताया कि बृहस्पतिवार को अपनी मां उमा मौर्य व बहन कशिश के साथ 18 नवम्बर को ऑटो से आया था। जैसे ही सड़क पर ऑटो आकर रुकी, मामा-मामा करते हुए घर में पहुंच गया।
हल्दी के दिन शुक्रवार को सबके बीच जाना सबके साथ फोटो खिंचवाने में आगे रहता था। हल्दी की रस्म पूरा के होने बाद जिस जगह मेहमानों के लिए भोजन बन रहा था वहां पंहुच गया। हलवाई चावल पकाने के बाद छान कर भगोने में रखे गए गरम पानी में बैठने के अंदाज में गिर गया। वहीं मौजूद एक व्यक्ति ने तुरंत बाहर निकाला। उसका सिर व पैर सब ठीक था पेट व पीठ में फफोले निकल गए थे। तुरंत लोग उसको लेकर बहादुरपुर गए वहां उसके शरीर पर दवाखाने से क्रीम लेकर लगाया गया। वहां से जिला जिला चिकित्सालय लेकर जा रहे थे मगर रास्ते में ही उसकी सांसें थम गई। इसकी सूचना घर दिया तो पूरा खुशियों के घर में मातम फैल गया।
मुंबई रहने वाले सार्थक की मौत की सूचना उसके पिता हरेन्द्र कुमार मौर्य को मिली वह बोले कि आप लोग उसको पिलाई के बजाय तुरकौलिया लेकर चले जाइए, जिससे शादी में किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो। शादी की रस्में सादगी से तो हुईं लेकिन हादसे की टीस लोगों को पल-पल खल रही है।
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यह है घटना
नगर थाना क्षेत्र के पिलाई गांव में गर्म पानी में गिरने से 5 वर्षीय सार्थक की मौत हो गई। तुर्कौलिया निवासी हरेन्द्र मौर्य की पत्नी 18 नवंबर को ममेरे भाई की बेटी की शादी में शामिल होने यहां आई थीं। शुक्रवार शाम भंडारी गुलाब जामुन के लिए सीरा तैयार करने को पानी गर्म कर रहा था, तभी सार्थक पीछे से फिसलकर उसमें गिर गया और गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादुरपुर से जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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पिता और बहन का बुरा हाल
मुंडेरवा। तुर्कौलिया निवासी हरेन्द्र मौर्य की पत्नी उमा अपने ममेरे भाई की बेटी की शादी में सम्मलित होने के लिए 18 नवंबर को नगर थाना क्षेत्र के पिलाई गांव गई थी। मुंबई रहने वाले पिता हरेन्द्र मौर्य ने बताया कि शुक्रवार को उससे एक बजे फोन पर बात हुई थी। वह बार-बार घर आने और कुछ लाने की बात कर रहा था। बताते हैं कि 15 मई को मुंबई जाने से पहले उससे मुलाकात हुई थी। वहीं बहन कशिश ने बताया कि यूकेजी में पढ़ने वाला सार्थक स्कूल से आने के बाद उससे पूछकर होमवर्क किया करता था। संवाद