कला विकास के लिए जरूरी हैं चुनौतियां : सुनील पॉल
बस्ती। मुंबई के हास्य कलाकार सुनील पाल देश-विदेश के मंचों पर अपने बेहतरीन अदाकारी से लोगों को गुदगुदाते हैं। रविवार की देर रात वह बस्ती महोत्सव में पहुंचे थे। मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के बाद अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि कला के विकास के लिए चुनौतियां जरूरी हैं।
हास्य कला में आए परिवर्तन पर सुनील ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है। यह समय-समय पर वर्तमान समाज की जरूरत बन जाता है। उन्होंने कहा कि एक कलाकार अपने जीवन में अलग-अलग तरह के किरदार निभाता है। ऐसे ही हास्य का आर्ट फॉर्म हंसाना है। इस एक ही अदा को अलग-अलग किस प्रकार से किया जाए, इसका प्रयास किया जाता है। यदि इसमें परिवर्तन न किया जाए तो लोगों को रुचि नहीं रह जाएगी। हम सोते-जागते परिवर्तन पर गहन मंथन करते हैं। मंच पर नए रूप में प्रस्तुत होकर लोगों को हंसाना जीवन से जुड़ गया है।
वर्तमान चुनौतियों के एक प्रश्न पर सुनील ने कहा कि इस विद्या में तमाम चुनौतियां आती हैं। यह आना भी सही है। यदि चुनौतियां नहीं होंगी तो कला का विकास रुक जाएगा।