तहरीर बदलने से मना करने पर शांतिभंग में चालान
हर्रैया। तहरीर बदलने से मना करने वाले व्यक्ति का पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में चालान कर दिया।
दुबौलिया क्षेत्र के उभाई निवासी कमलेश बंटवारे में मिली जमीन के हिस्से में प्रधानमंत्री आवास योजना से स्वीकृत आवास का निर्माण करवा रहे हैं। बगल में मेहीलाल की जमीन है। दोनो के बीच छह माह पहले भी जमीन के लिए विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था। बुधवार को कमलेश छप्पर से बाहर निकले बांस को काटकर चौराहे पर चले गए। कुछ बांस बाहर निकला रह गया तो मेहीलाल के बेटे दीपक व अर्जुन ने आपत्ति की। घर में मौजूद महिलाओं ने अगले दिन उसे काट लेने के लिए कहा। आरोप है कि इस पर सभी उग्र हो गए और गांव के आठ दस युवकों को बुलाकर गाली गलौज करने लगे। आरोप है कि मना करने पर दो युवक घर में घुस गए और महिलाओं को पीट दिया।
कमलेश की मां लालमती, गीता और सुभावती को गंभीर चोट आई। हल्ला सुनकर गांव के लोग पहुंचे तो आरोपित वहां से हट गए। सूचना के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। घायल महिलाओं को लेकर परिजन सीएचसी पहुंचे, जहां रात में इलाज हुआ। बृहस्पतिवार को तहरीर लेकर कमलेश थाने पहुंचे। आरोप है कि हल्के के दरोगा व पुलिस कर्मियों ने तहरीर बदलने का दबाव डाला। उनका कहना था कि केवल मारपीट का आरोप लगाकर तहरीर दी जाए। जब कमलेश ने एतराज किया तो उन्हें हिरासत में लेकर उनकी मां से जबरदस्ती अंगूठा लगवाकर तहरीर बदल दी गई।
घायल महिलाओं को मेडिकल जांच के लिए सीएचसी सरैया भेजा गया। इस बारे में एसओ बीएम तिवारी ने बताया कि तहरीर बदलवाने की बात सही नहीं है। पुलिस जांच में मारपीट की बात सामने आई है, जिस पर दो आरोपितों का शांति भंग में चालान कर मजिस्ट्रेट के वहां भेज दिया। वहीं सीओ शक्ति सिंह ने बताया कि तहरीर बदलने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो गंभीर विषय है। जांच कराकर कार्रवाई होगी।