बस्ती। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज की चिकित्सा इकाई को केंद्र और राज्य सरकार मिलकर हाईटेक बनाना चाहती है। इस क्रम में केंद्र और राज्य सरकार की ओर गठित टीम ने बृहस्पतिवार को ओपेक हास्पिटल कैली का निरीक्षण किया। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से सेवानिवृत्त एनेस्थीसिया के डॉ. एलडी मिश्र के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम सुबह 11 बजे अस्पताल के ट्रामा सेंटर पहुंची।
सरकार की गाइड लाइन के अनुसार मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी का जायजा लिया। ट्रामा सेंटर का एमरजेंसी वार्ड, गॉयनी वार्ड, पीआईसीयू, पैथोलॉजी, ब्लड बैंक, रेडियोलॉजी, ओपीडी कक्ष, ओपीडी पर्चा काउंटर का टीम के साथ निरीक्षण किया। डॉ. मिश्रा ने बताया कि ट्रामा सेंटर में इमरजेंसी के साथ आईसीयू वार्ड भी बनाया जा रहा है। अस्पताल में पीआईसीयू वार्ड चल रहा है, परंतु डॉक्टरों की कमी के कारण सुचारू रूप से इलाज नहीं हो पा रहा है। मिश्र ने बताया कि ट्रामा सेंटर में ही इमरजेंसी और आईसीयू वार्ड चालू होगा, जिससे आसानी से इलाज किया जा सके। एनेस्थीसिया डॉक्टरों की कमी है, उसको पूरा करने की कोशिश की जा रही है। ट्रामा सेंटर में स्टोक, हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, एक्सीडेंटल, गंभीर सांस फूलने वाले मरीज की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकार की मंशा है कि ट्रामा सेंटर में स्पेशलिस्ट तैनात हों और समय से मरीज को इलाज मिल जाए तो मृत्यु दर कम की जा सकती है। कालेज के प्राचार्य प्रो. मनोज कुमार, सीएमएस डॉ. एएन प्रसाद, डॉ. समीर श्रीवास्तव, डॉ. करुणेश कुमार, डॉ. अनिल यादव, डॉ. बीएल कन्नौजिया, डॉ. राजेश पांडेय, डॉ. लालमणि पाल आदि मौजूद रहे।