कुदरहा। कुदरहा गांव में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन मंगलवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कन्हैया का जन्म होते ही माहौल उत्सवी हो गया। बाल कृष्ण लाल की दिव्य झांकी भी प्रस्तुत की गई तो श्रद्धालु झूमने लगे। भजनों की गंगा प्रवाहित हुई।
कथा व्यास पंडित कृष्णानंद मिश्र ने कहा कि जब जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ जाता है और धर्म की प्रवृत्ति कमजोर पड़ जाती है, तब भगवान पृथ्वी पर अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। जो मनुष्य करुणा, दया और परोपकार करता है, वह प्रभु का सदैव प्रिय बना रहता है।
कथा से पूर्व यजमान उत्तम व कौशलेंद्र मणि ओझा एवं शकुंतला व रसिकेंद्र मणि ओझा ने ब्यास पीठ का पूजन किया। गो सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ल, डाॅ. आशीष नरायण त्रिपाठी, डॉ. शिवेंद्र मणि, डाॅ. सतेंद्र मणि एवं देवानंद त्रिपाठी ने कथा ब्यास का माल्यार्पण कर स्वागत किया। कैलाश दूबे, पंकज त्रिपाठी, अनुराग शुक्ल, भोला तिवारी अनिल सिंह, राम अशीष गोस्वामी एवं महेश राव, आदि मौजूद रहे। संवाद