बस्ती। सीएचसी कुदरहा के मेल स्टाफ नर्स की संविदा अभी तक समाप्त नहीं हो सकी है। स्टाफ नर्स को सीडीओ खुद बाहर की दवा लिखते हुए पकड़े थे। उन्होंने सीएमओ को आदेश दिया था कि संविदा समाप्त कर आख्या उपलब्ध कराएं, मगर, एक माह बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
मार्च माह में सीडीओ सार्थक अग्रवाल सीएचसी कुदरहा में औचक निरीक्षण करने पहुंच गए थे। जांच के समय एक महिला के हाथ में बाहर की दवा लिखी पर्ची के बारे में जानकारी ली। महिला ने पूछताछ में बताया कि डॉक्टर साहब दवा लिखे हैं, मगर जब जांच हुई तो पता चला कि डॉक्टर नहीं, स्टाफ नर्स ने ही बाहर की पर्ची लिखकर थमाई थी। जो दवा लिखी गई थी, वह सब दवा अस्पताल में मौजूद भी रही, बावजूद इसके कमीशन के लालच में दवा बाहर की लिखी जाने की बात सामने आई थी।
इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताई थी और सीएमओ को आदेश दिया था कि संबंधित स्टाफ नर्स की संविदा समाप्त करते हुए अवगत कराएं। अब एक माह बीत गया है। अभी तक स्टाफ नर्स पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम कहना है कि स्टाफ नर्स पर जल्द ही कार्रवाई होगी। पत्रावली जिला स्वास्थ्य समिति के पटल पर भेज दी गई है।
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बाल रोग विशेषज्ञ को निजी प्रैक्टिस करते पकड़े थे डिप्टी सीएमओ
कुदरहा पीएचसी में ही तैनात वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ को देईसाड़ स्थित निजी क्लीनिक पर डिप्टी सीएमओ ने जांच के दौरान निजी प्रैक्टिस करते हुए पकड़ा था। छह माह बीत जाने के बाद भी न तो कार्रवाई हुई न ही डॉक्टर का स्थानांतरण हुआ जबकि रिपोर्ट डिप्टी सीएमओ ने सीएमओ को सौंप दी थी। बताते हैं कि बाल रोग विशेषज्ञ गलत तरीके से दो जगह अटैच होकर निजी प्रैक्टिस में शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, पटल सहायक से सेटिंग के जरिये यह खेल हो रहा है। सीएमओ डॉ. राजीव निगम का कहना है कि मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।