बस्ती। एचएसआरपी (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट) की अनिवार्यता के बाद साइबर ठगों ने ऑनलाइन जाल बिछा दिया है। ठग एचएसआरपी की तरह ही दिखने वाला फर्जी नंबर प्लेट ऑनलाइन बेच रहे हैं। इन नंबर प्लेट पर बारकोड का स्टिकर और यूनिक लेजर कोड नहीं होता है। यहां ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। पकड़ में आने के बाद उनका दो गुना चालान किया गया है। ऐसे में जरूरी है कि ऑनलाइन एचएसआरपी खरीदने के पहले उसके असली और नकली होने की पहचान कर लें।
यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एचएसआरपी के लिए प्रदेश में चार कंपनियां स्लेक्स, सिमिट, रोजमार्टा व एफटीए को ही अधिकृत किया गया है। अधिकृत वेबसाइट पर जाकर वाहन संबंधी सभी जानकारियों भरकर व निर्धारित शुल्क का भुगतान करके एचएसआरपी के लिए आवेदन किया जाता है। वहीं, एचएसआरपी की डिलीवरी के लिए आवेदन के वक्त ही अपने आसपास के डीलर का नाम भी अंकित करना होता है। मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज आने के बाद उसी सेंटर पर जाकर एचएसआरपी लगवानी होती है। जानकारों के अनुसार, अपराधी ऑनलाइन बिक रहे फर्जी एचएसआरपी का फायदा उठा सकते हैं। वे किसी भी वाहन नंबर का फर्जी एचएसआरपी ऑनलाइन बनवाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे सकते हैं। ऐसे में एचएसआरपी की मदद से अपराध को रोकने की पुलिस की मंशा पर पानी फिर सकता है। फर्जी एचएसआरपी नंबर प्लेट को पकड़ने के लिए यातायात पुलिस की ओर से उसकी स्कैनिंग आवश्यक है।
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केस एक-
- मुंडेरवा बाजार के मुकेश ने ऑनलाइन सेंटर पर जाकर अपनी बाइक का नंबर प्लेट बुक कराया। एक हफ्ते में ही दो लोग उनका नंबर प्लेट लेकर उनके घर पहुंच गए और बाइक में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट फिट कर दिया। कुछ दिन बाद वाहन चेकिंग में पाया गया कि वह प्लेट नकली है। ट्रैफिक पुलिस ने पांच हजार रुपये का चालान काट दिया।
केस दो-
- शहर के एक व्यवसायी ने अपनी कार का नंबर प्लेट खुद ही बुक कर लिया। वेबसाइट पर घर पर ही फिटिंग करने का ऑफर दिया। बुकिंग के पांचवें दिन एक एजेंट आया और उनकी कार में आगे और पीछे नंबर प्लेट फिट करके चला गया। कार लेकर वह लखनऊ गए तो चेकिंग में पता चला कि नंबर प्लेट फर्जी है। उनका 10 हजार रुपये का चालान हुआ है।
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साइबर ठगों ने शुरू कर दी है ऑनलाइन बुकिंग
- साइबर ठगों ने एचएसआरपी की तरह दिखने वाली फर्जी नंबर प्लेट की बुकिंग ऑनलाइन शुरू कर दी है। असली वेबसाइट पर बाइक के प्लेट की बुकिंग का निर्धारित शुल्क 495 रुपये और कार के एचएसआरपी का रेट 1195 रुपये है। जबकि 350 से 400 रुपये में बाइक और 800-900 रुपये में फर्जी एचएसआरपी बेची जा रही है। बुकिंग के लिए सिर्फ पता और वाहन का नंबर ही बताना होता है। इसके बाद फर्जी नंबर प्लेट की डिलीवरी अधिकृत सेंटर पर न करके घर पर ही कर दी जाती है।
असली एचएसआरपी के लिए देनी होती हैं ये सूचनाएं
असली एचएसआरपी की बुकिंग के लिए लिए वाहन का इंजन नंबर, चेसिस नंबर, निर्माण वर्ष आदि की जानकारी देनी होती है। जबकि, फर्जी एचएसआरपी के लिए बिना किसी प्रमाण के सिर्फ वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर मांगा जाता है।
ऐसे पहचानें असली एचएसआरपी
- हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर भारत का अंतरराष्ट्रीय कोड (आईएनडी) - एज्यूमीनियम की नंबर प्लेट
- क्रोमियम होलोग्राम स्टिकर। इसी में होता है वाहन का संपूर्ण विवरण
- सात अंकों का लेजर कोड, जो प्रत्येक वाहन का अलग होता है।
यहां करें आवेदन
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.बुकमाईएचएसआरपी.कॉम
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.परिवहन.जीओवी.इन
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वर्जन
एचएसआरपी न लगे होने पर पांच हजार रुपये जुर्माना का प्रावधान है। अगर वाहन में एचएसआरपी की तरह ही दिखने वाला फर्जी नंबर प्लेट पाया जाता है तो पांच से 10 हजार रुपये तक का चालान किया जा सकता है। कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। - आलोक प्रसाद, सीओ ट्रैफिक