कस्बे में शुक्रवार को पुलिस और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी करके नकली उर्वरक बनाने का कारखाना पकड़ा है। मौके से नकली खाद का कारोबारी भी हत्थे चढ़ा लेकिन धंधे में शामिल उसका बेटा भागने में कामयाब रहा। उसके दो गोदाम से मिलावटी उर्वरक की हजारों बोरियां का बरामद की गई हैं।
कस्बे के माधव प्रसाद गुप्ता के घर जिला कृषि अधिकारी सतीश चन्द्र पाठक व थाना प्रभारी ओम प्रकाश चौबे की संयुक्त टीम पहुंची तो भगदड़ मच गई। मौके से नकली पोटाश, सुपर फास्फेट खाद, जिंक और नकली कीटनाशक दवाएं बरामद की गईं। साथ ही गौरा के पास सूनसान स्थान पर बने एक मकान में छापेमारी की गई तो वहां बोरियां और सिलाई वाली मशीन मिलीं। डीओ के अनुसार माधव गुप्ता के दो गोदामों को सील कर दिया गया है। मौके से तीन वाहन भी बरामद किए गए। छापेमारी शाम चार बजे तक चली, जिसमें 19 बोरी लाल रंग का पोटाश जैसा पदार्थ, 41 बोरी खाली, दो पैकिंग मशीन, 25 बोरी मोनो जिंक, 166 बोरी जिप्सम, तसला फावडा-कुदाल, 38 बोरी फालीडॉल, 10 बोरी डस्ट बरामद हुई। कृषि अधिकारी की तहरीर पर माधव गुप्ता व उसके पुत्र राजेश के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के अलावा धोखाधड़ी जालसाजी, कॉपीराइट एक्ट 1957 और पेस्टीसाइड एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर माधव गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पूर्व में भी हो चुकी है कार्रवाई
कप्तानगंज में नकली खाद कारखाना पकड़े जाने का यह पहला मामला नहीं है। वहां तीन बार कृषि व पुलिस विभाग की संयुक्त टीम छापामारी कर चुकी है। आरोपी माधव व उसका बेटा राजेश को जेल भी भेजा गया था परंतु रिहा होते ही वह फिर नकली खाद के कारोबार में जुट गए।