दुबौलिया। थाना क्षेत्र के पेठिया लश्करी गांव निवासी 45 वर्षीय पशु पालक की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई। मंगलवार को सुबह उसका शव सरयू नदी की सोती के पार मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पेठिया लश्करी गांव के राम सागर यादव उर्फ चुन्नी लाल अपने 14-15 पशुओं को रोज चराने ले जाते थे। सोमवार को भी पशुओं को लेकर वह गांव के लोगों के साथ दक्षिण सरयू नदी की सोती के उस पार गए थे। सोमवार शाम को तेज आंधी-बारिश के साथ ओले गिरने लगे तो अन्य चरवाहे किसी तरह जान बचा कर मवेशियों के साथ घर पहुंच गए। देर शाम तक राम सागर यादव घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोगों ने खोजबीन शुरू की। मौसम खराब होने से रात भर राम सागर का कुछ पता नहीं चल सका। दूसरे दिन मंगलवार को सुबह परिवार के लोग उन्हें खोजते हुए सरयू नदी की सोती के उस पार पहुंचे तो वहां उनका शव मिला। परिवार वालों के होश उड़ गए। वे लोग राम सागर का शव लेकर घर आए और दुबौलिया पुलिस को सूचना दी। एसआई राजेश तिवारी ने पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसएचओ विनय कुमार पाठक ने बताया कि मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इसका पता चल सकेगा।
-
अविवाहित थे चुन्नी लाल
बड़े भाई रामा नंद यादव ने बताया कि राम सागर उर्फ चुन्नी लाल अविवाहित थे। रामानंद के साथ रहकर खेतीबारी व पशु पालन में हाथ बंटाते थे। सुबह पशुओं को लेकर घर से निकल जाते थे। देर शाम लौटकर आते थे।
-
सिर पर ओले से चोट के निशान
- जिस जगह वह पशुओं को चरा रहे थे, वहां आसपास कोई पेड़, छप्पर या ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां सिर छिपाया जा सके। सोमवार को उस क्षेत्र में आंधी और बारिश के बीच करीब 20 मिनट तक ओले पड़ते रहे। गांव के लोगों का कहना है कि उनके सिर में कई जगह ओले से चोट के निशान हैं। माना जा रहा है कि ओलों की चोट से वह बेहोश हो गए होंगे और काफी देर तक पड़े रहने से मौत हो गई होगी। हालांकि पुलिस इस बाबत अभी कुछ नहीं बता रही है।