छावनी थाना क्षेत्र के मलौली गांव में दिल दहला देने वाली घटना प्रकाश में आई है, जहां एक कैटर्स ने 11 साल के बालक को जलते तंदूर में फेंक दिया। जिसके चलते बालक बुरी तरह झुलस गया। आनन फानन में परिजन बालक को लेकर मेडिकल कॉलेज दर्शननगर अयोध्या पहुंचे जहां से हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने लखनऊ रेफर कर दिया गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस छानबीन करने में जुटी गई। मामले में परिजनों ने कैटरिंग के ठेकेदार के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। नवाबगंज गाेंडा के दुर्जनपु के रहने वाले चमन 11 वर्ष पुत्र संतोष बचपन से ही छावनी थाना क्षेत्र के बाघानाला स्थित अपनी ननिहाल में रह रहा है।
चमन की मां की मृत्यु पहले ही हो चुकी है। लोगों की माने तो उसके नानी के मायके थाना क्षेत्र के ही मलौली गोसाई में बुधवार को विवाह समारोह था। वह अपनी नानी के साथ समारोह में शामिल होने के लिए गया था। रिश्तेदारी में शादी होने के कारण चमन भाग-दौड़ में लगा था।
रात के समय लोग भोजन कर रहे थे। इसी दौरान चमन जिस स्थान पर खाना बन रहा था बार-बार वहां आ जा रहा था और एक-दो बार रसगुल्ला निकाल लिया। लोगों का आरोप है कि बार-बार चमन के द्वारा रसगुल्ला निकाले जाने पर कैटरिंग का ठेकेदार भड़क गया।
उसने चमन को पकड़ लिया और उसे डराने के मकसद से उठा लिया और तंदूर के ऊपर उसका सिर रखते हुए बोला कि अब आओगे तो इसमें फेंक दूंगा। लेकिन इसी बीच चमन उसके हाथ से छूट गया और तंदूर में जा गिरा, जिससे चेहरे से लेकर कमर तक का हिस्सा बुरी तरह झुलस गया।
इस घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। परिजन आनन-फानन में उसे मेडिकल कॉलेज अयोध्या ले गए। यहां से बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर कर दिया गया। दूसरी तरफ इस घटना की सूचना परिजनों ने डायल 112 पर दी।
छावनी पुलिस भी मौके पर पहुंची और छानबीन की। लेकिन मौके से कैटरिंग का ठेकेदार भाग गया। मासूम के मामा ने छावनी थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष छावनी चंदन ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कार्यवाही की जा रही है।