रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों का इंतजार करते यात्री।संवाद
गौर। गोरखपुर-गोंडा रेलखंड पर प्रस्तावित ऑटोमेटिक सिग्नलिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य रेलवे ने अपरिहार्य कारणों से निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही कार्य के चलते मार्ग बदली गईं एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन रविवार से पूर्व निर्धारित मार्ग और समय के अनुसार बहाल कर दिया गया।
स्वामीनारायण छपिया, मसकनवा, लखपतनगर और मनकापुर जंक्शन के बीच नॉन इंटरलॉकिंग कार्य प्रस्तावित था। इसके चलते बस्ती के रास्ते चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया था। भटनी-अयोध्या मेमो पैसेंजर समेत कुछ ट्रेनों को निरस्त भी किया गया था। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कार्य निरस्त होने के बाद रविवार को परिवर्तित मार्ग वाली एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन पूर्व की तरह हुआ।
हालांकि, गोरखपुर-गोंडा पैसेंजर ट्रेन निरस्त रही। इससे छोटे स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को दिक्कत हुई। पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि मार्ग परिवर्तित की गई एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन पूर्व की तरह बहाल कर दिया गया है।
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कई ट्रेनें घंटों देर से पहुंचीं
ट्रेनों का संचालन बहाल होने के बावजूद बस्ती के रास्ते चलने वाली कई ट्रेनें रविवार को निर्धारित समय से काफी देर से पहुंचीं। इससे यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। मोरध्वज एक्सप्रेस निर्धारित समय से करीब 14 घंटे देरी से चल रही थी। रेलवे की समय सारणी के अनुसार इसके रविवार शाम तीन बजे बस्ती पहुंचने का समय था, लेकिन देरी के कारण सोमवार दोपहर दो बजे के बाद पहुंचने की संभावना जताई गई। छपरा एक्सप्रेस करीब एक घंटे, दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन स्पेशल दो घंटे, अवध एक्सप्रेस दो घंटे, मदार-अमृत भारत एक्सप्रेस छह घंटे, पूर्णिया कोर्ट स्पेशल एक्सप्रेस चार घंटे, गोरखधाम एक्सप्रेस ढाई घंटे, बाघ एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे, इंटरसिटी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे और जनसेवा एक्सप्रेस करीब दो घंटे की देरी से चली। भटनी-अयोध्या मेमो पैसेंजर करीब छह घंटे और अन्य कई ट्रेनें भी विलंब से संचालित हुईं।