बस्ती। शहर के पांडेय बाजार और बरदहिया मोहल्ले में भी जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। यहां रोजाना जनपद की थोक मंडी सजती है। दैनिक उपयोग की वस्तुओं का थोक कारोबार यहीं से संचालित होता है। बारिश के दिनों में जलभराव के चलते व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो जाता है। मुख्य सड़क से लेकर गली-मोहल्लों तक बारिश का पानी भर जाता है। यहां लोगों का घरों में रहना तो दुश्वार होता ही है, अपना कारोबार भी चौपट होते देखने की विवशता हो जाती है। प्रतिष्ठानों के सामने पानी भरे होने से सामान की ढुलाई एवं बिक्री का कार्य नहीं हो पाता है। बारिश के हर सीजन में जलभराव की विकट समस्या से व्यापारी वर्ग आजिज है।
आर्थिक दृष्टि से शहर के इस सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में लगभग 15 हजार की आबादी निवास करती है। करोड़ों का थोक कारोबार भी यहीं से संचालित होता है। लेकिन मूलभूत सुविधाएं यहां भी न के बराबर है। इस क्षेत्र में भी जलनिकासी के खेवनहार पुराने जीर्ण-शीर्ण नाले ही हैं। यह कहीं चोक कर गए हैं तो कहीं जाम पड़े हैं। जिससे सामान्य दिनों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी का बहाव नहीं कर पाते हैं। पहली बारिश में ही यहां की जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त हो जाती है। सड़क और कुछ घरों में पानी भरने से अमीर-गरीब सभी के लिए चौतरफा दुश्वारियों से जूझने के सिवाय और विकल्प नहीं होता है। मजदूर तबका जैसे-तैसे पानी में घुसकर राह चलते हैं लेकिन बड़े व्यापारियों की दुर्गति हो जाती है। महिलाएं, बच्चे छतों से मंजर देख घर के भीतर ही रह जाते हैं।
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बांसी रोड पर ज्यादा मुसीबत
पांडेय बाजार-बांसी मार्ग पर बारिश के दौरान सड़क पानी में डूब जाती है। यहां सड़क के दोनों तरफ बड़े व्यवसायियों का थोक कारोबार है। सड़क पर पानी लगने से इनके प्रतिष्ठानों तक जाना मुश्किल हो जाता है। कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर मंडी के भारी वाहन भी नहीं आ पाते हैं। सामानों की लोडिंग, अनलोडिंग का कार्य ठप हो जाता है। इन कार्यों के बगैर कारोबार संचालित नहीं हो पाता है। व्यापारी कई-कई दिन तक पानी खिसकने का इंतजार बेसब्री से करते हैं। यह मंजर संजय कालोनी तक रहता है।
मेंहदावल मार्ग और बरदहिया चौराहा भी हो जाता है जलमग्न
पांडेय बाजार-मेंहदावल मार्ग और बरदहिया चौराहा भी बारिश होने पर जलमग्न हो जाता है। यहां सड़क भी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में पानी भर जाने से राह चलना दूभर रहता है। आवागमन का दबाव होने के चलते बारिश के दौरान यहां दुर्घटनाएं भी आम हो जाती है। सेंट्रल बैंक के निकट स्थित राजा बाजार में भी जलभराव की समस्या विकट हो जाती है। मोहल्लेवासियों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
अभी नहीं हुई है प्रमुख नालों की सफाई
पांडेय बाजार, राजा बाजार, बरदहिया, संजय कालोनी आदि जगहों पर प्रमुख नालों की सिल्ट सफाई का कार्य अभी नहीं कराया गया है। मानसून नजदीक आ गया है। इन मोहल्लों की नालियां जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बड़े नाले अभी ओवरफ्लो होते नजर आ रहे हैं। ऐसे में यदि बारिश हुई तो जलभराव की समस्या से जूझने का दौर शुरू होना तय है।
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जनप्रतिनिधि भी नहीं हुए मुखर
आपस में सटे पांडेय बाजार, मरवटिया, बरदहिया मोहल्ले में एक नहीं कई जनप्रतिनिधियों का निवास भी है। दो पूर्व विधायक, एक पूर्व एमएलसी, दो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, तीन पूर्व ब्लाक प्रमुख परिवार के साथ एक किलोमीटर के दायरे में ही निवास करते हैं। लेकिन जलभराव की समस्या को लेकर कोई मुखर नहीं हुआ। सामान्य नागरिकों की तरह वह भी पानी से डूबी सड़कों को देख मुंह मोड़ चलते बनते हैं।
क्या कहते हैं स्थानीय नागरिक
जनप्रतिनिधियों ने कई बार आश्वासन दिया। मगर जलनिकासी की व्यवस्था नहीं बन पाई। हम लोग बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या से परेशान हो जाते हैं। आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। घर में रहना भी दुश्वार हो जाता है। -देवी प्रसाद गुप्ता, व्यवसायी, पांडेय बाजार।
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सड़कों का उच्चीकरण कई बार किया जाता है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं किया जाता है। इससे जलभराव की समस्या गंभीर होती जाती है। सड़क के ऊपर ही नई सड़क बनने से मकान और दुकान की सतह नीचे होती जा रही है। इसलिए बारिश का पानी घरों में घुस जाता है। -गौरव गुप्ता विक्की, पांडेय बाजार।
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हमारी दुकान के सामने ही बारिश होने पर पानी लग जाता है। थोक कारोबार है। मजदूर ढुलाई कार्य नहीं कर पाते हैं। पानी भरे होने की दशा में कारोबार लगभग बंद हो जाता है। यहां बड़े शहरों की तरह जलनिकासी की ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए कि बारिश होने के कुछ ही देर बाद पानी तेजी से बह जाए। -मनीष जायसवाल, व्यवसायी, बांसी रोड।
जलभराव की समस्या से हम सभी लोग बचपन से ही जूझते आ रहे हैं। इस मामले में कोई खास परिवर्तन नहीं हो सका। जबकि पांडेय बाजार और बरदहिया थोक कारोबार का मुख्य बाजार है। यहां जलनिकासी की विशेष व्यवस्था होनी चाहिए। गैर नौकरीपेशा वालों की रोजी रोटी यहीं से चलती है। -मनीष गुप्ता, रेलवे क्रासिंग, पांडेय बाजार।
शहर के प्रमुख नालों के सफाई का कार्य युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। गांधीनगर क्षेत्र और दक्षिण दरवाजा क्षेत्र में टीमें सफाई कार्य में लगी हुई हैं। एक-दो दिन में पुरानी बस्ती क्षेत्र नालों के सिल्ट सफाई के लिए टीम उतार दी जाएगी। दुुर्गेश्वर त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका परिषद, बस्ती।