किसी को बजट में दिखा उम्मीदों का सागर तो कुछ ने जताई निराशा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को आम बजट पेश किया। जिले के जागरूक नागरिक भी बजट के अंश को देखते रहे। गांव, गरीब, किसान, नौजवान महिलाएं तथा व्यापारी वर्ग ने मिली-जुली प्रतिक्रया दी है। वहीं, विपक्ष ने राजनीतिक बजट करार दिया है।
सांसद हरीश द्विवेदी की ओर से उनके मीडिया प्रमुख नितेश शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार का नया बजट नए भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेगा। सरकार ने सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प को ध्यान में रख इस बजट को तैयार किया है। सरकार देश के विकास में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाएगी। देश के हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में है। सरकार 2024 तक हर घर जल के लक्ष्य को पूरा करना चाहती है।
भाजपा के जिला अध्यक्ष पवन कसौधन ने कहा कि बजट में गांव, गरीब, किसान, जवान, महिलाओं के हितों को ध्यान में रखा गया है। मोदी सरकार का महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप पांडेय ने कहा कि यह एक निराशा करने वाला बजट है। सरकार ट्रांसपोर्ट की दर में कमी कर पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि कर रही। बेरोजगारों के लिए कुछ नहीं है। पूरे बजट में भाषण ही ज्यादा है जबकि बजट की रुप रेखा ही गायब है। मतलब साफ है कि देश की अर्थव्यवस्था डांवांडोल है।
सपा के जिला अध्यक्ष राजकपूर यादव ने प्रतिक्रिया में निराशा जनक बताया है। कहा कि बेरोजगारों, किसानों और नौजवानों के लिए सरकार क्या करेगी यह स्पष्ट ही नहीं है। बजट लोकलुभावाना तो जरूर है लेकिन महंगाई पर नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे इसकी बात ही नहीं कही गई है। योजनाओं का स्वरूप भी स्पष्ट नहीं है। ऐसे में निराशाजनक बजट ही कहा जा सकता है।
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जनता की रही मिली जुली प्रतिक्रिया
-बभनान नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन श्रीप्रकाश गुप्ता ने कहा कि सरकार के इस बजट से गरीबों को कुछ लाभ होने वाला नहीं है। बजट में किसानों, व्यापारियों, बेरोजगारों की समस्याओं पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है। यह केवल लोकलुभावन बजट है।
- बभनान बाजार की शैल जायसवाल ने सरकार के बजट की सराहना की। कहा कि देश की प्रथम महिला वित्तमंत्रीने बजट में महिलाओं का सम्मान कर समाज के हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की है। किसान, मजदूर, मध्यम वर्ग ने प्रधानमंत्री से जो अपेक्षा की थी वह इस बजट से पूरी होगी।
- गौर सीएचसी पर तैनात एएनएम श्वेता गौतम ने कहा कि बजट में स्वास्थ्य विभाग को कुछ उम्मीदें थी लेकिन सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही महिलाओं के सुरक्षा का भी प्रावधान करना चाहिए।
-बभनान के व्यापारी राधेश्याम जायसवाल ने कहा कि बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री को करदाताओं को अपने बजट से प्रोत्साहित करने का प्रयास करना चाहिए। शिक्षण संस्थाओं, हवाई, रेल और परिवहन यात्राओं तथा स्वास्थ्य सुविधाओं में आम आदमी से अलग सुविधाएं दी जानी चाहिए तभी व्यापारियों के हित का बजट होगा।
कलवारी क्षेत्र के किसान राम गोपाल दुबे का कहना है कि सरकार एक तरफ तो किसानों की आय बढ़ाने की बात कर रही दूसरी तरफ खेती के समय डीजल पर एक रुपये सेस लगा रही। इससे तो खेती का खर्चा बढ़ जाएगा और उसकी आमदनी बढ़ने के बजाय घट जाएगी। सल्टौआ के छोटे दुकानदार शानू गुप्ता का कहना है कि सरकार का यह बजट स्वागत योग्य है। इससे छोटे दुकानदारों का भला होगा। फुटकर दुकानदारों की पेंशन से राहत मिलेगी।