परिषदीय स्कूलों में बच्चों का भोजन बनाने वाली रसोइयों ने चयन में अनियमितता को लेकर शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर धरना दिया। कार्यालय पहुंचते ही बीएसए का घेराव किया और उनसे गलत तरीके से किए गए सभी चयन को निरस्त करने की मांग की। नाराज रसोइयों ने कहा कि प्रधान और हेड मास्टर मिलकर गड़बड़ी कर रहे हैं, अपने चहेतों का चयन करने के लिए पहले से कार्यरत पात्र रसोइयों की छुट्टी कर दे रहे हैं। रसोइयों ने प्रधान और हेड मास्टरों पर धन लेकर चयन करने का भी आरोप लगाया।
कड़ाके की ठंड में अपनी बात कहने आई अधिकतर रसोइयों ने चयन को लेकर शिकायत की। विकारस खंड रामनगर के जूनियर हाईस्कूल घोसड़ से आई विधवा रसोइया विद्यावती ने बीएसए से कहा कि हेड मास्टर और प्रधान कहते हैं कि उन्हीं को रसोइया का चयन होगा जिनके बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं। उसने बीएसए से सवाल किया कि वह विधवा है, ऐसे में बच्चे कहां से होंगे। इस पर बीएसए मनिराम सिंह ने स्कूल के हेड मास्टर राम अजोर को फटकार लगाते हुए कहा कि किस आधार विधवा रसोइया के स्थान के पर दूसरे का चयन कर लिया। इसके लिए बीएसए ने हेड मास्टर को तलब किया। महिला से कहा कि जाओ तुम्हारा चयन निरस्त नहीं होगा। इसी तरह की शिकायत अन्य महिला रसोइयों ने बीएसए से की। एक स्वर में रसोइयों ने चयन में धांधली करने का आरोप प्रधान और हेड मास्टरों पर लगाया। बीएसए के समझाने के बाद भी रसोइयों ने धरना समाप्त नहीं किया।