आरोपी अजय यादव की इलायची देवी रिश्ते में चचेरी भाभी लगती थीं। अजय की पांच बहनें हैं। वह काफी दिनों से बड़ी बहन की शादी के लिए लड़का तलाश रहा था। उसने तीन बार शादी तय कर चुका था। आरोपी का कहना है कि इलायची देवी ने तीनों बार लड़के वालों के परिवार को उसकी बहनों व परिवार के बारे में कुछ न कुछ कहकर भड़का देती थी। जिससे तीनों बार शादी टूट गई।
इसकी जानकारी होने पर अजय के परिवार वालों के मन में खुन्नस पैदा हो गई। 18 मार्च को सुबह करीब साढ़े 10 बजे अजय अपना खेत देखने गया था। बगल के खेत में मौजूद इलायची देवी उसे देखते ही अपशब्द कहते हुए ताने मारने लगीं। कहने लगी कि लोग उस पर शादी तोड़वाने का संदेह करते हैं।
अजय ने विरोध किया तो इलाइची देवी ने पास में पड़ा ईंट का टुकड़ा उसके ऊपर फेंका, ईंट सरसों के झाड़ में अटक गई। अजय के मुताबिक, इसके बाद उसे गुस्सा आ गया और ईंट का टुकड़ा लेकर इलाइची की तरफ दौड़ा और सिर पर वार कर दिया। वह गिर पड़ी। इसके बाद वह हंसिया से वार करने का प्रयास करने लगी।
हंसिया छीनकर वह उसके ऊपर बैठ गया और गला रेत डाला। इस छीनाझपटी में मृतका के हाथ की चार उंगलियां भी कट गई थीं। अजय के मुताबिक, इस दौरान निकला खून उसके शर्ट व लोवर पर लग गया। जिसे रात में गांव के बाहर पुआल में लपेट कर जला दिया। पुलिस ने जले हुए कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।
गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की अगुवाई प्रभारी निरीक्षक रुधौली संजय कुमार ने की। उनके साथ प्रभारी स्वाट उमाशंकर त्रिपाठी, प्रभारी सर्विलांस सेल शशिकान्त, प्रभारी चौकी हनुमानगंज अजय कुमार सिंह, सर्विलांस के हेड कांस्टेबल हिन्दे आजाद, जनार्दन प्रजापति, रुधौली थाने के हेड कांस्टेबल दिग्विजय सिंह, चन्द्रकेश राय, रजनीकान्त त्रिपाठी, कांस्टेबल सतीश कुमार यादव, अंकित राय, सुभेन्द्र तिवारी, अभिलाष प्रताप सिंह, मनोज कुमार यादव, स्वॉट टीम के कारंस्टेबल धर्मेन्द्र कुमार, रमेश कुमार, सुधीर शर्मा, धीरज यादव, अरविंद यादव व किशन सिंह शामिल रहे।