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मंत्रीजी, बेशेड्यूल हुईं ट्रेनें, हिचकोले ले रहा ब्रॉडबैंड

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ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री। - फोटो : amar ujala
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बस्ती। केंद्र सरकार में रेल और संचार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनोज सिन्हा सोमवार को बस्ती आ रहे हैं। यहां वह दो एस्केलेटर, वाई-फाई सुविधा सहित तमाम सुविधाओं का लोकार्पण करेंगे। जबकि पहले से मिली सुविधाओं में वाई-फाई सेवा जहां हिचकोले ले रहा है, वहीं, यात्री ट्रेनों का शेड्यूल बेपटरी है। इसकी मार उपभोक्ता झेल रहे हैं। कई दिनों से दिल्ली, मुंबई और कोलाकाता यात्री ट्रेन घंटों विलंब से आ-जा रही हैं। इतना ही नहीं जिला मुख्यालय का आदर्श रेलवे स्टेशन सुविधा संपन्न है जरूर मगर अव्यवस्था के चलते जहां यात्री परेशान हो रहे हैं, वहीं, ट्रेनों की आवाजाही ने उन्हें और हलकान कर दिया है। 
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विलंब से आ रही हैं मुख्य ट्रेनें      
दिल्ली से आने वाली बरौनी-आनंद विहार एक्सप्रेस नौ घंटे, अप राप्ती सागर एक्सप्रेस छह घंटे, अप राप्ती गंगा एक्सप्रेस 14 घंटे, डाउन कटिहार अमृतसर एक्सप्रेस एक घंटे, डाउन राप्ती सागर एक्सप्रेस 16 घंटे, अवध एक्सप्रेस अप छह घंटे तथा जननायक एक्सप्रेस डाउन छह घंटे विलंब से चल रही है। यह स्थिति केवल रविवार को ही नहीं है, बल्कि हर दिन यात्री ट्रेनों के विलंब की मार यात्री झेल रहे हैं। दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले यात्री सुबह आने वाली राप्ती सागर सहित अन्य ट्रेनों के इंतजार में बैठे रहे। ट्रेनों के विलंब से आने के कारण प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ लगी है, मगर मंत्री के आने की तैैयारी के तहत कहीं भी गंदगी नजर नहीं आई।        

चमकाया जा रहा स्टेशन परिसर      
मंत्री के आगमन को लेकर पूरा तंत्र सक्रिय हो उठा है। यहां स्टेशन परिसर का कोना-कोना चमकाया जा रहा है। जिन कुर्सियों पर धूल जमी थी उसकी सफाई के लिए मजदूर लगाए गए हैं। यही नहीं जहां स्टेशन परिसर का रंगरोगन हो रहा है, वहीं, डॉरमेट्री और प्रतीक्षालय में पेंटिंग कराई जा रही है। जमीन पर कहीं भी धूल का कण नजर न आए इसके लिए कई सफाई कर्मी प्लेटफॉर्म पर झाड़ू-पोछा भी कर रहे हैं। 
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आज मंत्री करेंगे लोकार्पण      
रेल राज्य मंत्री एवं संचार राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार मनोज सिन्हा सोमवार की शाम चार बजे सांसद हरीश द्विवेदी की मौजूदगी में दो एस्केलेटर, वाई-फाई सुविधा, स्टेशन के उत्तर की ओर के पहुंच मार्ग, ट्रेनों में पानी भरने की सुविधा, माल यातायात संबंधी सुविधाओं सहित अन्य का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक भी मौजूद होंगे।
आदर्श स्टेशन पर बुनियादी सुविधाएं नदारद
बभनान को आदर्श रेलवे स्टेशन का दर्जा होने के बावजूद भी यहां हर दिन यात्रियों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। वैसे तो यहां प्रतिदिन 13 जोड़ी ट्रेनों का ठहराव होता है, जिससे औसतन 2500 यात्री आते-जाते हैं। इससे यहां की आय डेढ़ लाख की है, मगर इतने महत्वपूर्ण स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर न तो यात्रियों के बैठने का माकूल इंतजाम है और न पेयजल की समुचित व्यवस्था। सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि रेलवे स्टेशन की बिजली व्यवस्था लचर है। शाम होते ही यहां अंधेरा पसर जाता है, जिससे प्लेटफॉर्म और ओवरब्रिज अंधेरे में डूब जाते हैं। और तो और यात्रियों के लिए यहां न तो प्रतीक्षालय है और न ही रिटायरिंग रूम। पेयजल की व्यवस्था के लिए हैंडपंप तो हैं, मगर अधिकांश समय वे सूखे रहते हैं। प्लेटफॉर्म पर यात्री छाजन का भी अभाव व्यवस्था की पोल खोलता है। सबसे खराब स्थिति रेलवे स्टेेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो की है। यहां प्लेटफॉर्म पर जगह-जगह गड्ढे हैं और बाउंड्रीवाल न होने के कारण साइकिल और बाइक प्लेटफॉर्म पर ही फर्राटा भरते हैं।         
इनकी सुनिए       
प्रतिदिन यात्रा करने वाले सुव्रेन्द्र कुमार, राजू सिंह, अजय कुमार सिंह, राम प्रगट, सलाउहद्दीन, प्रिंस तिवारी, अर्चना, अनीता, किरन त्रिपाठी, संजना ने बताया कि एक ही टिकट काउंटर होने के कारण सुबह-शाम लंबी लाइन लगानी पड़ती है।
बोले स्टेशन अधीक्षक      
स्टेशन अधीक्षक राघवेन्द्र चतुर्वेदी का कहना है कि सुविधाओं के विस्तारीकरण का कार्य प्रगति पर है। प्लेटफॉर्म नंबर दो पर गड्ढों को ठीक कराने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। शीघ्र ही उसे ठीक करा दिया जाएगा।
32 वर्ष बाद भी बदली नहीं तस्वीर      
टिनिच। पूर्वोत्तर रेलवे का महत्वपूर्ण स्टेशन टिनिच 32 वर्ष बाद भी यात्री सुविधाओं को मोहताज है। प्लेटफॉर्म नंबर एक की स्थिति यह है कि यहां तमाम गड्ढे हो गए हैं। यहां छह पैसेंजर ट्रेनें और एक एक्सप्रेस का ठहराव होता है। करीब दो सौ यात्री यहां से गोरखपुर, मगहर, संतकबीरनगर, बभनान, गोंडा, मनकापुर, लखनऊ सहित तमाम स्थानों पर आते-जाते हैं। यहां पेयजल के इंतजाम नाकाफी हैं ही हैंडपंप की चौकी न जाने कब से टूटी है और नाली न होने के कारण सारा पानी नल के आसपास ही एकत्रित होकर सड़ता है, जिससे सड़ांध उठती है। ऐसे में यहां पानी पीना भी यात्री मुनासिब नहीं समझते। प्लेटफॉर्म की बाउंड्रीवाल है नहीं, ऐसे में छुट्टा पशु तो यहां प्लेटफॉर्म पर आते ही हैं यात्री भी बाइक और साइकिल लेकर प्लेटफॉर्म तक आ जाते हैं। प्लेटफॉर्म नंबर दो की हालत तो और खराब है। महज दो छोटे यात्री छाजन के नीचे यात्री ठहरते हैं। बारिश और तेज धूप में तो यात्रियों की हालत खराब हो जाती है। स्टेशन मास्टर एमएच खान कहते हैं कई बार उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 1987 में एक नंबर  प्लेटफॉर्म पर कुछ मरम्मत कार्य हुआ था तब से आज तक यहां कुछ नहीं हुआ।
बीएसएनएल का साथ छोड़ रहे ग्राहक
केंद्र सरकार जहां इंटरनेट के जरिए देश को तेजी से विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने की कवायद में जुटी है, वहीं, बीएसएनएल उसकी मंशा पर पानी फेर रहा है। स्थिति यह है कि कुदरहा और कुसौरा में लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया टेलीफोन एक्सचेंज महज दिखावा बन कर रह गया है। लैंडलाइन सेवा की स्थिति तो खराब ही है। यहां ब्रॉडबैंड से भी उपभोक्ता मुंह मोड़ चुके हैं। जो बैंक ब्रॉडबैंड नेटवर्क जुड़े हैं वहां सप्ताह में दो तीन दिन नेटवर्क बंद रहता है, जिससे बैंक का लेनदेन ठप हो जाता है। कस्बे के व्यवसायी महेंद्र प्रसाद कहते हैं कि ब्रॉडबैंड सेवा करीब आठ माह से चौपट हो गई है। नेटवर्क की समस्या से परेशान होकर कनेक्शन ही बंद करवा दिए।
सहज जन सेवा केंद्र के संचालक अनिल शर्मा कहते हैं कि ब्रॉडबैंड सेवा का उपयोग करना बहुत ही कठिन है एक्सचेंज पर कोई भी जिम्मेदार स्टाफ रहता ही नहीं है फॉल्ट ठीक करने में महीनों लग जाते हैं ऐसे में बीएसएनएल के सहारे दुकानदारी ही चौपट हो जा रही थी।
कस्बे के किराना व्यवसायी अनिल अग्रहरि कहते हैं कि बड़े शौक से लैंडलाइन का कनेक्शन लिया था, लेकिन आएदिन एक्सचेंज बंद रहने और लाइन में फॉल्ट आ जाने के चलते कनेक्शन बंद करवा दिए। 
आंकड़े दे रहे गवाही 
भारत संचार निगम की ब्रॉडबैंड सुविधा ऊपर वाले के भरोसे चल रही है। हर दिन इसके नेटवर्क में कोई न कोई रोड़ा आ ही जाता है। बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा से मंडल में करीब 28 सौ ग्राहक ही जुड़े हैं, मगर अव्यवस्था की मार झेल रही इस सेवा से लोगों का मोह भंग होता जा रहा है। वर्ष भर के तुलनात्मक आंकड़े इसके गवाह हैं। कुछ लोग सेवा से जुड़े तो करीब सौ उपभोक्ताओं ने इससे निजात पा लिया। इसका कारण सिर्फ नेटवर्क समस्या है।  
रुधौली एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2017 के अंत तक यहां ब्रॉडबैंड कनेक्शन धारकों की संख्या 30 से 40 के बीच में थी जो अब घटकर 19 तक सिमट गई है। वहीं वर्ष 2016 के अंत में इस क्षेत्र में सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थान सहित अन्य कनेक्शन स्कोर मिलाकर कुल लगभग 76 लोग बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा से जुड़े थे, मगर नेटवर्क समस्या के चलते उनका मोह भंग हो गया।  
इन्होंने दी सलाह 
भानपुर के बलेश्वरीनगर के सुजीत कुमार सोनी कहते हैं कि बीएसएनएल निश्चित तौर पर भारत सरकार उपक्रम है, लेकिन इसका नेटवर्क भी प्राइवेट कंपनियाें की तरह बेहतर हो जाए तो यह बेशक ग्राहकों की एक अच्छी संख्या को प्राप्त करेगा।  
एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र निपनिया के संचालक संजय कुमार पांडेय का कहना है कि वर्ष 1998-99 में जब बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा शुरू हुई थी तभी उन्होंने ब्रॉडबैंड का कनेक्शन ले लिया था। लेकिन अब खराब नेटवर्क एवं ध्वस्त इंटरनेट व्यवस्था के चलते अभी हाल ही में मैंने ब्रॉडबैंड का कनेक्शन कटवा दिया। 




भाजपा नेताओं ने बनाई रणनीति
स्मृति और केशव के आगमन की तैयारियां शुरू 
अमर उजाला ब्यूरो 
बनकटी। 
जिले के किसान डिग्री कॉलेज में 21 मई को स्मृति ईरानी और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या के आगमन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। रविवार को भाजपा जिलाध्यक्ष अश्विनी उपाध्याय के नेतृत्व में ब्लॉक मुख्यालय पर बैठक कर कार्यक्रम की सफलता की रणनीति बनाई गई। 
भाजपा नेता प्रमोद पांडेय, रविचंद पांडेय ने केंद्र के चार वर्ष की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि विकास का पहिया तेजी से चल रहा है। हर वर्ग के उत्थान को लेकर सरकार ने चार वर्ष कार्य किया है। सभी क्षेत्रों में बदलाव नजर आने लगा है। कहा कि 21 मई को आयोजित कार्यक्रम के दौरान किसान डिग्री कॉलेज परिसर में सरकार की विभिन्न योजनाओं के स्टॉल लगा कर प्रदर्शन किया जाएगा।  इस मौके पर अरशद खान, अतुल शुक्ला, राजेंद्र चौधरी, बबलू दूबे, प्रभात मिश्रा, सुग्रीव पाल, पिन्टू मिश्रा, रामवृक्ष चौधरी, पन्नालाल यादव आदि मौजूद रहे।
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