बस्ती। सनातन धर्म संस्था की ओर से चरित्र निर्माण शिविर के दूसरे दिन बालक-बालिकाओं से आत्मरक्षा एवं सैन्य प्रशिक्षण का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षक विनय पवार, राहुल, आर्य, अंश श्रीवास्तव, आयुष यादव, मान्यता, प्रथा और संस्कृति के सानिध्य में आत्मरक्षा, राष्ट्र रक्षा और स्वास्थ्य रक्षा के गुर सिखाए जा रहे हैं। पंकज त्रिपाठी ने बताया कि गीता के ज्ञान, कर्म और भक्ति योग के जरिये बच्चों को पुरुषार्थी, प्रतापी और संवेदनशील बनाना संस्था का मुख्य उद्देश्य है। बच्चों को शाकाहारी व मांसाहारी के अंतर बताए गए। बताया कि आधुनिक विज्ञान द्वारा मनुष्यों के साथ धोखा करके मनुष्य को सर्वाहारी पढ़ा कर जीव हत्या को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा भगवान श्री कृष्ण ने गीता में सात्त्विक, राजसिक व तामसिक भोजन तक की पूरी यात्रा बताई है। संवाद