बस्ती। जिले में शनिवार को 19 नए गोवंश लंपी वायरस से संक्रमित पाए गए। सूचना पर पहुंची पशु पालन विभाग की टीम ने सभी का इलाज शुरू किया। अब तक जिले में 263 मवेशी लंपी से संक्रमित पाए गए हैं। जिसमें एक की मौत हो चुकी है। 186 संक्रमित गोवंश ठीक हो चुके हैं। शनिवार तक 46 हजार से अधिक मवेशियों को टीका लगाकर प्रतिरक्षित किया जा चुका था।
लंपी वायरस की चपेट में आए मवेशी के शरीरभर में दो से पांच सेमी आकार की गांठ उभर जाती है। संक्रमित मवेशी को हल्का बुखार रहता है। मुंह से लार अधिक निकलती है और आंख-नाक से पानी बहता है। पशुओं के लिंफ नोड्स और पैरों में सूजन आ जाती है। संक्रमित मवेशी के दूध उत्पादन में भी गिरावट आ जाती है। गर्भित पशु में गर्भपात का खतरा रहता है और कभी-कभी पशु की मौत भी हो जाती है। पशु पालन विभाग करीब दो दर्जन टीम गठित कर संक्रमण की रोकथाम में जुटा हुआ है।
अलगे हफ्ते तक प्रतिरक्षित हो जाएंगे सभी मवेशी
सीवीओ अनिल कुशवाहा ने बताया कि अब तक 12 गांवों में वायरस सक्रिये है। अब तक करीब 118 गांव इसकी चपेट में आ चुके हैं। संक्रमित गांवों में सभी गोवंशों को टीका लगाकर प्रतिरक्षित किया जा चुका है। शनिवार को 21 मवेशी ठीक हुए हैं। दिनभर में चार हजार मवेशी को टीका लगाया गया। 90 हजार टीका शासन से जिले को मिला था। जिसमें अभी 43900 टीका शेष बचा है। टीमें लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर टीकाकरण कार्य कर रही हैं। अगले हफ्ते तक सभी गाेवंशों को प्रतिरक्षित कर लिया जाएगा।
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ऐसे करें बचाव
- संक्रमित मवेशी को अलग रखे।
-परजीवी कीट, किल्ली, मक्खी व मच्छरों से करें मवेशियों का बचाव।
- पशुओं के बाड़े की सफाईकर कीटनाशक का करें छिड़काव।
- शरीर में गांठ, बुखार, सूजन आदि लक्षण दिखते ही चिकित्सक को दें सूचना।
- आपात स्थिति में 1962 नंबर पर मोबाइल वेटरनरी यूनिट को दें सूचना।
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