दूसरों का जीवन बचाने के लिए 20 ने किया रक्तदान
बस्ती। रक्तदान जीवनदान है। रक्तदान कइयों की जिंदगी बचा सकता है। इसका अहसास हमें तब होता है जब अपना कोई जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा होता है। यह कहना है सदर विधायक दयाराम चौधरी का। वे स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस और अमर उजाला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत सोमवार को सदर ब्लॉक क्षेत्र के रिठिया में स्थापित स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में अमर उजाला फाउंडेशन के सहयोग से रक्तदान शिविर लगा। शिविर में 20 लोगों ने दूसरों के जीवन को बचाने के लिए रक्तदान किया। रेयर ग्रुप होने से एक रक्तदाता को आरक्षित किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजेंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि अनायास दुर्घटना या बीमारी का शिकार हम में से कोई भी हो सकता है। आज हम सभी शिक्षित व सभ्य समाज के नागरिक हैं जो केवल अपनी ही नहीं, बल्कि दूसरों के भलाई के लिए भी सोचते हैं। ऐसे में क्यों न हम रक्तदान के पुनीत कार्य में सहयोग दें। इंस्टीट्यूट के संस्थापक/प्रबंधक सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि रक्तदान एक पुनीत कार्य है जो सभी दानों में बड़ा दान है। इससे किसी प्रकार की शारीरिक क्षति भी नहीं होती। कार्यक्रम का संचालन संजय द्विवेदी ने कहा कि रक्तदान करने से शरीर को नई ऊर्जा मिलती है। इससे पूर्व की अपेक्षा शरीर में अधिक खून बनता है। पहले लोग रक्त दान में संकोच करते थे, लेकिन आज का युवा रक्तदान बढ़चढ़ कर करता है। कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार पांडेय, राम गोपाल, राम कृपाल पांडेय, हरेंद्र प्रताप सिंह, कुलदीप सिंह, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. मनीष कुमार, राम प्रकाश सिंह, पवन कुमार, उपेंद्र नरायन शुक्ल, आशुतोष त्रिपाठी, उदय प्रताप पाठक, अनिल कुमार श्रीवास्तव समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
‘विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करें’
स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सदर विधायक दयाराम चौधरी ने समाज और राष्ट्रहित में स्वामी विवेकानंद के कार्यों पर प्रकाश डाला। संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में भारत का नाम रोशन किया। अमीरी-गरीबी, जाति-पात से ऊपर उठकर मानवधर्म के उत्थान पर बल दिया। भाजपा नेता राजेंद्र नाथ तिवारी ने स्वामी के विचारों को आत्मसात करने पर जोर दिया। संस्थापक सत्यप्रकाश सिंह ने समाज सेवा के बारे में प्रकाश डाला।
इन्होंने किया रक्तदान
दीपक कुमार, नदीम अहमद, विशाल श्रीवास्तव, राहुल पांडेय, शुभम शर्मा, सुद्धेश कुमार, राकेश शुक्ला, आकाश पांडेय, विजय प्रताप, सेराज आलम, मनीष कुमार, शिवम पांडेय, नवीन कुमार, शबाना, अमित कुमार यादव, सुनील कुमार, राजकुमार, एस कुमार समेत 21 लोगों ने शिविर में रक्तदान किया।
एक सराहनीय पहल : चांदनी
स्वामी विवेकानंद इंस्टीट्यूट में आयोजित रक्तदान शिविर में पहुंची चांदनी ने कहा कि अमर उजाला की अपराजिता मुहिम सराहनीय है। ऐसे आयोजनों से दूूसरों को लाभ पहुंचता है।
रक्तदान से संबंधित भ्रम दूर हुआ : नूरशबा
रक्तदान को लेकर अब भी बहुत भ्रांतियां है। कैंप में जिस प्रकार से वक्ताओं ने फायदे गिनाए उससे भ्रम दूर हुआ। यह कहना है नूरशबा का। कहती हैं कि ऐसे आयोजनों से जानकारी बढ़ती है।
रक्तदान महादान है : नैंसी
नैंसी कसौधन का कहना है कि कॉलेज प्रबंधन और अमर उजाला ने जो रक्तदान शिविर आयोजित किया, यह कोई साधारण शिविर नहीं बल्कि महादान का शिविर कहा जा सकता है। इससे लोगों में जागरूकता आएगी।
एक स्वस्थ परंपरा की शुरुआत: शक्ति
शक्ति सिंह का कहना है कि विद्यालय परिसर में रक्तदान शिविर के स्वस्थ परंपरा की शुरुआत हुई। छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। इसमें अमर उजाला की भूमिका विशेष रही है।