औरों की जिंदगी बचाने को 17 ने किया रक्तदान
बस्ती। अमर उजाला फाउंडेशन और अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर में 17 लोगों ने दूसरों की खातिर कुछ करने का संकल्प लेकर रक्तदान किया। दोपहर बाद तीन बजे से आयोजित इस शिविर में जागर्स क्लब ने भी सहयोग किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेडिकल कॉलेज कैली के ब्लड बैंक में आयोजित शिविर का उद्घाटन सीएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ. सोमेश चंद्र श्रीवास्तव ने किया। उन्होेंने कहा कि एक यूनिट रक्त से चार लोगों की जान बचाई जा सकती है। रक्तदान करने से स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। भ्रांतियों के चलते लोग रक्तदान से बचते हैं। रक्तदान से स्वास्थ्य बेहतर होता है। क्योंकि शरीर में नया खून तैयार हो जाता है। रक्तदान करने से कई छोटी-मोटी बीमारियां पास नहीं आतीं।
इन्होंने किया रक्तदाता
शिविर में आशीष कुमार श्रीवास्तव, शांत प्रकाश श्रीवास्तव, श्याम बाबू श्रीवास्तव, सैयद काशिफ समर, रवि कुमार श्रीवास्तव, प्रकाश मोहन श्रीवास्तव, साबिर अली, सूरज गुप्ता, हर्षित श्रीवास्तव, रूपेश श्रीवास्तव, मनमोहन श्रीवास्तव काजू, मुकेश श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, मयंक श्रीवास्तव, सत्यम श्रीवास्तव, ऋषभ श्रीवास्तव व प्रिंस श्रीवास्तव ने रक्तदान किया।
रक्तदान से मिलता है आत्म संतोष
रक्तदानी मनमोहन श्रीवास्तव ‘काजू’ ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। क्योंकि विज्ञान ने तमाम उपलब्धियां हासिल कर लिया है, मगर खून का आज तक कोई विकल्प नहीं बन सका है। रक्त जैसे अनमोल दान से आत्म संतोष मिलता है।
जरूरतमंद को मिलता है जीवन
रक्तदानी आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि उन्हें परिवार से रक्तदान की प्रेरणा मिली है। कई बार लोगों की जान खून की कमी के कारण चली जाती है। कोई जरूरतमंद इसके चलते मरने न पाए, इसी संकल्प के चलते वे समय-समय पर रक्तदान करते हैं। ‘अमर उजाला’ की पहल बेहद सराहनीय है।
मानवता के लिए रक्तदान जरूरी
सैय्यद काशिफ समर ने कहा कि यूं तो हर जगह मदद के लिए सभी पहुंच नहीं सकते, मगर रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद की सहायता अप्रत्यक्ष रूप से की जा सकती है। मानवता की सेवा का यह दान सबसे बड़ा माध्यम है।
करें सहयोग, बचाएं जीवन
संत प्रकाश कहते हैं कि रक्तदान को लेकर तमाम भ्रांतियां आम लोगों के मन मस्तिष्क में रहती हैं। कई लोग रक्तदान भयवश नहीं करते, मगर ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे डरा जाए। एक यूनिट रक्तदान का सहयोग जरूरतमंद की जिंदगी बच जाती है।