हर्रैया। दुबौलिया कसबे के भेलमापुर में गन्ना क्रय केंद्र खोले जाने की मांग को लेकर भाकियू का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरने में शामिल पदाधिकारियों ने प्रशासन के रवैए पर आक्रोश जताते हुए चेताया कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सड़क पर उतरने पर विचार करेंगे।
धरने का नेतृत्व कर रहे भाकियू टिकैत गुट के तहसील अध्यक्ष राम पाल सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष भी भेलमापुर में गन्ना क्रय केंद्र खोलने की मांग को लेकर तहसील में चौपाल लगाई गई थी। तत्कालीन अधिकारियों की मध्यस्था में विक्रमजोत गन्ना समिति के सचिव व गन्ना प्रबंधक के साथ बातचीत में केंद्र खोलने की सहमति बनी थी। मगर अब प्रशासन और संबंधित अधिकारी इस समझौते को लागू करने से कतरा रहे हैं। भाकियू कार्यकर्ताओं ने पांच दिन पहले तहसील में धरना देकर ज्ञापन सौंपा था। मांगों पर कोई पहल न होने के कारण शुक्रवार को सभी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक गन्ना माफिया के दबाव के कारण प्रशासनिक अधिकारी गन्ना क्रय केंद्र खोलने में हिचकिचा रहे हैं। धरने में सत्य प्रकाश दुबे, राम बहादुर वर्मा, राम चंद्र सिंह, पांडा यादव, राधे श्याम चौधरी, मीना देवी, सुधरना देवी, जैसराम, लक्ष्मी गिरी, फूल चंद तिवारी, विमल कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।
बेनतीजा रही पहल
- धरना स्थल पर पहुंचे एसडीएम सतेंद्र सिंह ने पदाधिकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुनने और निस्तारण का भरोसा देने की कोशिश की, लेकिन भाकियू कार्यकर्ताओं ने मांग पूरी होने तक धरना समाप्त न करने की अड़ान बनाए रखी। इसी बीच विक्रमजोत गन्ना समिति के सचिव भी धरना स्थल पहुंचे और बातचीत कर धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।