बुधवार को रुधौली ब्लॉक मुख्यालय पर आयोजित तहसील दिवस में सन्नाटे के बीच उस समय हंगामा मच गया जब सैकड़ों की संख्या में पहुंचे भाकियू कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने हाथ में तेल का गैलन लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरु कर दी। इसे लेकर कुछ समय के लिए खलबली मची रही।
रामसुधि और हरीराम पासवान की अगुवाई में पहुंचे भाकियू कार्यकर्त्ता दीवाली में मिट्टी का तेल न मिलने, धान क्रय केंद्र चालू न होने, गरीबों-किसानों को राशन कार्ड न मिलने और किसानों के ऊपर से फर्जी मुकदमे हटाने से संबंधित चार सूत्रीय मांग पत्र सीडीओ को दिया।
भाकियू का कहना है कि तहसील क्षेत्र के कोहरा, थरौली, महुआर, कुड़ही, पड़री, छपिया, रमवापुर, नयेगाव, केशवापुर, कुसौना आदि गावों में मिट्टी का तेल नही मिला। शिकायतकर्ताओ में जैनम खातून, इनरपाती, मीना देवी, सुमित्रा प्रभु देवी, धरमा देवी, प्रेमा, राजू चौधरी, दयाराम, गौरीशंकर, राम भवन, तिलक राम आदि मौजूद रहे।
तहसील दिवस में फरियादियों के आने की संख्या एक तो पहले से ही कम होती जा रही है, स्थान और दिन बदलने से और भी फरियादी कम हो गए।
मात्र 20 मामले आए जिसमें एक का निस्तारण मौके पर हुआ। तहसील दिवस में प्रभारी निरीक्षक गोपाल स्वरूप वाजपेयी, सीएचसी प्रभारी आनंद मिश्रा, बीडीओ हनुमान प्रसाद मिश्रा, खण्ड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार पांडेय, जेई लालबहादुर यादव सहित अन्य मौजूद रहे।